झारखंड विधानसभा में 6450 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, जानिये सबसे ज्यादा किस विभाग पर होगा पैसा खर्च, हेमलाल मुर्मू ने उठाया जेल और कैदियों का मुद्दा…

A supplementary budget of Rs 6450 crore was presented in the Jharkhand Assembly. Find out which department will see the maximum expenditure. Hemlal Murmu raised the issue of jails and prisoners.

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। सदन की कार्यवाही दो चरणों में संचालित होगी, जिसमें प्रश्नकाल के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 6450 करोड़ रुपये के तीसरे अनुपूरक बजट पर आज विस्तृत चर्चा और पारण की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
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रांची। झारखंड विधानसभा की कार्यवाही चल रही है। प्रश्नकाल से आज सत्र की शुरुआत हुई, इस दौरान विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दे उठाए, जबकि द्वितीय पाली में वित्तीय वर्ष 2025–26 के तीसरे अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा हो रही है। सत्र की गंभीरता को देखते हुए कार्मिक विभाग ने भी विशेष निर्देश जारी किए हैं।

सामान्यतः शनिवार को बंद रहने वाले सचिवालय और संबद्ध कार्यालयों को खुला रखने का आदेश दिया गया, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। यह निर्णय सत्र के दौरान सरकारी कामकाज की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

6450 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट
शुक्रवार को सदन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2025–26 का तीसरा अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में कुल 6450 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है।

सरकार के अनुसार, यह राशि राज्य की विकास योजनाओं को गति देने और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है।आज सदन में इस अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। बहस के बाद बजट को पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रश्नकाल में गूंजे जनहित के मुद्दे
बजट सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों पर जोरदार चर्चा देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सवाल उठाए।विधायक जयराम महतो ने जिला और प्रखंड स्तरीय स्थापना समितियों में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

उनका तर्क था कि इससे प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर बेहतर नीतिगत फैसले लिए जा सकेंगे। इस पर मंत्री दीपक बिरुवा ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसी समितियों में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की आवश्यकता महसूस नहीं की गई है, हालांकि भविष्य में इस प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।

साइबर अपराध और जेल सुरक्षा पर चिंता
विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराध, जेल से कैदियों के फरार होने और नशीली पदार्थों की खेती जैसे गंभीर विषयों को सदन में उठाया। उन्होंने इन मामलों में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी।

जवाब में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए साइबर थानों को सक्रिय किया गया है और लगातार निगरानी व कार्रवाई की जा रही है। जेल सुरक्षा के संबंध में उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में फरार हुए चारों कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही, नशीली पदार्थों की खेती के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है।

महिला एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर फोकस
तीसरे अनुपूरक बजट में सबसे अधिक 779 करोड़ रुपये महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को आवंटित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग राज्य की महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, विशेषकर महिलाओं से संबंधित कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए किया जाएगा।

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