OH WAO! ट्रैफिक जाम से मुक्ति…अब आसमान से पहुंचेगा ऑफिस…भारत में ‘फ्लाइंग टैक्सी’ का बड़ा ऐलान…

160 Kmph की रफ्तार, बिना रनवे उड़ान और मिनटों में सफर… क्या दिल्ली का जाम अब इतिहास बनेगा?

क्या आपने कभी सोचा है कि दिल्ली के घंटों लंबे ट्रैफिक जाम के ऊपर से आप सीधे उड़कर अपने ऑफिस पहुंच जाएं? जो सपना अब तक सिर्फ हॉलीवुड फिल्मों में दिखता था, वह अब भारत में हकीकत बनने की ओर बढ़ रहा है।

राजधानी दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित India AI Summit के दौरान एक ऐसी ‘फ्लाइंग टैक्सी’ का प्रदर्शन किया गया जिसने भविष्य के परिवहन की नई तस्वीर पेश कर दी।

 बिजली से चलेगी, 8×10 मीटर से भरेगी उड़ान

इंडिया एआई समिट के हॉल नंबर 4 में पेश किया गया यह मॉडल पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहन है।

सबसे बड़ी खासियत?
इसे टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए लंबे रनवे की जरूरत नहीं। यह महज 8 × 10 मीटर की छोटी सी जगह से उड़ान भर सकती है और वहीं उतर भी सकती है। यानी शहर के बीचों-बीच ‘वर्टिकल टेक-ऑफ’ तकनीक से सीधी उड़ान!

घंटों का सफर अब मिनटों में

कंपनी के मुताबिक इस फ्लाइंग टैक्सी की खूबियां चौंकाने वाली हैं:

  • अधिकतम रफ्तार: 160 किमी प्रति घंटा

  • एक बार फुल चार्ज में रेंज: लगभग 110 किलोमीटर

  • क्षमता: 1 पायलट + 2 यात्री

  • या फिर 200 किलोग्राम तक वजन उठाने में सक्षम

यानि दिल्ली-गुरुग्राम या नोएडा जैसे रूट कुछ ही मिनटों में तय किए जा सकेंगे।

 एम्बुलेंस और लॉजिस्टिक्स में भी गेम-चेंजर

स्टॉल पर मौजूद एक्सपर्ट अनुष्का यादव के अनुसार, यह टैक्सी सिर्फ वीवीआईपी लोगों के लिए नहीं है।

  • ट्रैफिक में फंसी एम्बुलेंस का विकल्प बन सकती है

  • मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचा सकती है

  • सामान की डिलीवरी (लॉजिस्टिक्स) में भी इस्तेमाल संभव

अगर यह तकनीक लागू होती है, तो आपातकालीन सेवाओं में बड़ा बदलाव आ सकता है।

 प्रदूषण मुक्त और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट

चूंकि यह टैक्सी पूरी तरह बैटरी से चलती है, इसलिए:

  • न धुआं

  • न शोर

  • पर्यावरण के लिए सुरक्षित

भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में जहां जगह की कमी और सड़कों पर दबाव ज्यादा है, वहां यह तकनीक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

 क्या सच में खत्म होगा ट्रैफिक का आतंक?

फिलहाल यह एक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसे एक निजी टेक कंपनी ने तैयार किया है और आने वाले वर्षों में इसके कमर्शियल इस्तेमाल की संभावना जताई जा रही है।

अगर यह तकनीक जमीन से उठकर आसमान में नियमित रूप से उड़ने लगी, तो भारत के बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या सच में इतिहास बन सकती है।

अब बड़ा सवाल यही है —
क्या हम सच में जल्द ही सड़कों को छोड़ आसमान का रास्ता अपनाने वाले हैं?

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