प्लेट में बिरयानी, सिस्टम में ब्लैक मनी!  यहाँ फूटा 70,000 करोड़ का टैक्स घोटाला… 5 राज्यों में मचा हड़कंप…

60 टेराबाइट डेटा खंगालते ही खुली पोल, कैश बिल डिलीट कर सालों से खेला जा रहा था ‘डिजिटल खेल’

नई दिल्ली/हैदराबाद। हैदराबाद की मशहूर बिरयानी की खुशबू के पीछे अगर करोड़ों का काला खेल छिपा हो तो? आयकर विभाग की हैदराबाद इन्वेस्टिगेशन यूनिट की ताज़ा जांच ने फूड इंडस्ट्री में ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है, जिसने देशभर के रेस्टोरेंट कारोबारियों की नींद उड़ा दी है।

बताया जा रहा है कि एक बड़े बिलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए पूरे देश में 70,000 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाने का मामला सामने आया है। और यह सिर्फ किसी एक शहर की कहानी नहीं, बल्कि 5 बड़े राज्यों से जुड़े तार इस ‘डिजिटल घोटाले’ की ओर इशारा कर रहे हैं।

 AI और बिग डेटा ने खोला राज

जांच टीम ने 60 टेराबाइट ट्रांजेक्शनल डेटा का विश्लेषण किया। करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट आईडी को खंगालने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा एनालिसिस और जेनरेटिव एआई टूल्स का इस्तेमाल किया गया।

नतीजा चौंकाने वाला रहा—
वित्तीय वर्ष 2019-20 से अब तक कम से कम 70,000 करोड़ रुपये की बिक्री जानबूझकर छिपाई गई

सिर्फ पोस्ट-बिलिंग डिलीशन का आंकड़ा ही 13,317 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

 5 राज्यों में सबसे ज्यादा टैक्स चोरी

जांच में जिन राज्यों के नाम सबसे ऊपर आए, वे हैं:

  • तमिलनाडु

  • कर्नाटक

  • तेलंगाना

  • महाराष्ट्र

  • गुजरात

कर्नाटक में करीब 2,000 करोड़, तेलंगाना में 1,500 करोड़ और तमिलनाडु में 1,200 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है।

सिर्फ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यह आंकड़ा 5,141 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

दोनों राज्यों के 40 रेस्टोरेंट्स के सैंपल में फिजिकल और डिजिटल जांच से 400 करोड़ रुपये की सीधी कमी सामने आई।

 फ्रॉड का तरीका सुनकर रह जाएंगे दंग

अहमदाबाद स्थित बिलिंग सॉफ्टवेयर कंपनी के डेटा सेंटर से मिली जानकारी के आधार पर हैदराबाद की डिजिटल फोरेंसिक लैब में जांच की गई।

फ्रॉड के दो बड़े पैटर्न सामने आए:

  1. कैश इनवॉइस को चुन-चुनकर डिलीट करना

  2. चुनी हुई तारीखों की पूरी बिलिंग को बल्क में मिटा देना

2019-20 से 2025-26 तक के छह वित्तीय वर्षों में कुल 2.43 लाख करोड़ रुपये की बिलिंग का डेटा खंगाला गया।

अनुमान है कि कुल बिक्री का करीब 27 प्रतिशत हिस्सा दबाया गया

 क्या यह सिर्फ शुरुआत है?

जांच की शुरुआत दक्षिण भारत के शहरों से हुई थी, लेकिन मामला सामने आते ही सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने इसे देशव्यापी स्तर पर फैलाने का फैसला किया।

अधिकारियों का मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। देश में कई और बिलिंग प्लेटफॉर्म सक्रिय हैं, जिनकी बैकएंड जांच जल्द शुरू हो सकती है।

अगर जांच का दायरा और बढ़ा, तो यह भारत के फूड और बेवरेज सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा टैक्स घोटाला साबित हो सकता है।

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