सोने का सुनहरा दौर खत्म? ₹1 लाख से नीचे फिसलेगा गोल्ड? छिपे 3 बड़े संकेत

रिकॉर्ड हाई से 41 हजार की गिरावट…

नई दिल्ली। क्या 2025 में आसमान छूने वाला सोना अब औंधे मुंह गिरने वाला है? क्या ₹1.93 लाख का रिकॉर्ड बनाने के बाद अब कीमत ₹1 लाख से नीचे फिसल सकती है? बाजार में उठ रही हलचल ने निवेशकों की धड़कनें तेज कर दी हैं।

29 जनवरी 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना ₹1,93,000 प्रति 10 ग्राम के पार चला गया था। लेकिन 17 फरवरी को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर यह ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ — यानी ऑल टाइम हाई से करीब ₹41,852 की गिरावट।

अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX (COMEX) में भी सोना 11% से ज्यादा टूटकर 4940 डॉलर प्रति औंस पर आ चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है — क्या यह सिर्फ करेक्शन है या बड़ी गिरावट की शुरुआत?

 गिरावट के 3 बड़े संकेत

 रूस का डॉलर में लौटना?

ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक, रूस फिर से अमेरिका के साथ डॉलर में ट्रेड शुरू करने की तैयारी कर सकता है। बीते वर्षों में रूस और चीन ‘डी-डॉलराइजेशन’ की अगुवाई करते हुए बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे थे।

अगर Russia डॉलर आधारित पेमेंट सिस्टम में लौटता है, तो गोल्ड की डिमांड घट सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे कीमतों पर सीधा दबाव पड़ेगा।

 सेंट्रल बैंकों की खरीद पर सवाल

कमोडिटी एक्सपर्ट Anuj Gupta का कहना है कि Donald Trump के दोबारा व्हाइट हाउस पहुंचने और टैरिफ पॉलिसी के बाद देशों ने डॉलर छोड़ सोना खरीदा था।

लेकिन अगर रूस डॉलर में लौटता है, तो न सिर्फ खरीदारी रुकेगी, बल्कि जमा सोना बाजार में बिक भी सकता है। इससे सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

 दो साल की रैली के बाद बड़ा करेक्शन

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर Ajay Kedia के मुताबिक, सोने में दो साल की तेज रैली के बाद अब करेक्शन शुरू हो चुका है।

गिरावट की तीन वजहें:

  • रूस-यूक्रेन युद्ध का तनाव कम होना (सेफ हेवेन की मांग घटेगी)

  • डॉलर इंडेक्स की रिकवरी (97 के ऊपर)

  • कमोडिटी एक्सचेंजों पर बढ़ा हुआ मार्जिन

उनका अनुमान है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4150–4200 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकता है। भारतीय बाजार में कीमत ₹1,10,000 प्रति 10 ग्राम तक फिसलने की आशंका जताई गई है।

 क्या चीन भी जिम्मेदार?

लूनर न्यू ईयर के दौरान चीन में फिजिकल डिमांड कमजोर रही है। ऊंची कीमतों के कारण रिटेल खरीदार पीछे हटे हैं। हालांकि सेंट्रल बैंक की खरीद अलग ट्रेंड पर है, लेकिन आम मांग फिलहाल सुस्त दिख रही है।

 ₹96,000 तक गिर सकता है सोना?

PACE 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट Amit Goel ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि सोना अपना रिकॉर्ड हाई देख चुका है और आगे की तेजी सिर्फ “डेड कैट बाउंस” हो सकती है।

उनका अनुमान है कि 2027 के अंत तक भारत में गोल्ड ₹1,00,000 से नीचे और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3,000 डॉलर प्रति औंस (करीब ₹96,000 प्रति 10 ग्राम) तक फिसल सकता है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि अब सोने को पूरी तरह सुरक्षित निवेश मानना जोखिम भरा हो सकता है — लॉन्ग टर्म सरकारी बॉन्ड बेहतर विकल्प बन सकते हैं।

 अब क्या करें निवेशक?

बाजार में अनिश्चितता बढ़ चुकी है। रूस-अमेरिका ट्रेड, डॉलर की मजबूती और ग्लोबल डिमांड — ये तीनों फैक्टर मिलकर सोने की दिशा तय करेंगे।

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