झारखंड : बगावत की तो खैर नहीं…BJP ने 19 बागियों को थमाया नोटिस, निकाय चुनाव में पहली बार दिखेगा ‘स्टार’ दम
Rebellion will be a disaster; BJP issues notice to 19 rebels, civic elections will see 'star power' for the first time

रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 भले ही गैरदलीय आधार पर हो रहे हों, लेकिन राजनीतिक दल इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा बना चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार से पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में सक्रिय प्रचार करेंगे।
भाजपा के स्टार प्रचारकों में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी और चंपाई सोरेन के साथ केंद्रीय मंत्री संजय सेठ व अन्नपूर्णा देवी और सांसद निशिकांत दुबे एवं दीपक प्रकाश शामिल हैं। ये नेता छोटी-बड़ी सभाओं और रोड शो के माध्यम से उम्मीदवारों के समर्थन में माहौल बनाएंगे। रांची में मेयर प्रत्याशी रोशनी खलखो के समर्थन में अरुण सिंह ने प्रचार किया।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस भी पीछे नहीं हैं। झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय के अनुसार जिला और महानगर समितियों की मांग पर पार्टी के मंत्री, सांसद और विधायकों को प्रचार में लगाया गया है। वहीं कांग्रेस ने रांची के हर वार्ड में वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया है। खिजरी विधायक राजेश कच्छप को आठ वार्ड, कांके विधायक सुरेश बैठा को दस वार्ड और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय को आठ वार्ड की जिम्मेदारी मिली है।
भाजपा ने अपने समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे 19 बागी नेताओं को शोकॉज नोटिस जारी किया है। प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने नोटिस में सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा और चेतावनी दी कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।









