भीड़, चीखें और 10 गोलियों के निशान… 2026 की तीसरी वारदात ने फिर जगाया खौफ…
दिनदहाड़े मौत का खेल! मॉल के बाहर गोलियों की बरसात, भारतीय युवक की सरेआम हत्या से कनाडा कांपा

नई दिल्ली।कनाडा के टोरंटो में शुक्रवार दोपहर जो हुआ, उसने वहां मौजूद हर शख्स को सन्न कर दिया। एटोबिकोक इलाके के एक व्यस्त मॉल के बाहर दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजी और कुछ ही पलों में एक भारतीय युवक खून से लथपथ ज़मीन पर गिर पड़ा। यह युवक कोई और नहीं, बल्कि 37 वर्षीय चंदन कुमार राजा नंदकुमार था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही गोलियों की आवाज आई, मॉल में खरीदारी कर रहे लोग चीखते-चिल्लाते इधर-उधर भागने लगे। कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पूरा इलाका दहशत में डूब गया। सूचना मिलते ही टोरंटो पुलिस दोपहर करीब 3:30 बजे मौके पर पहुंची। गंभीर हालत में चंदन कुमार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर चुके थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह हमला पूरी तरह सुनियोजित और टारगेटेड लग रहा है। खास बात यह है कि 2026 में टोरंटो में यह तीसरी हत्या बताई जा रही है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले पर जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर एरॉल वॉटसन ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गोलीबारी आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी ने भी कोई संदिग्ध गतिविधि देखी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दे।
SUV पर मिले 10 गोलियों के निशान, हमलावर बाहर से ही फरार!
जांच के दौरान पुलिस को मॉल के प्रवेश द्वार के पास खड़ी एक SUV मिली, जिसकी विंडशील्ड पर ड्राइवर की ओर करीब 10 गोलियों के निशान पाए गए। जिस वक्त फायरिंग हुई, उस समय मॉल में भारी भीड़ थी, जिससे हालात और भी खौफनाक हो गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, हमलावर मॉल के अंदर नहीं आए थे, बल्कि बाहर से ही हमला कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि हमलावर कितने थे और कुल कितनी गोलियां चलाई गईं। जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल में जुटी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक चंदन कुमार कर्नाटक के रहने वाले थे और पिछले करीब छह साल से कनाडा में काम कर रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









