Mahashivratri 2026: एक गलती और बिगड़ सकता है घर का संतुलन! शिवलिंग स्थापना से पहले जान लें ये गुप्त नियम

Mahashivratri 2026 Special: महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे शक्तिशाली दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस रात शिव भक्ति का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और सही विधि से की गई पूजा जीवन की दिशा बदल सकती है।
लेकिन सावधान! शास्त्रों में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर घर में शिवलिंग की स्थापना नियमों के विरुद्ध हुई, तो इसका असर सुख-शांति पर पड़ सकता है। ऐसे में महाशिवरात्रि 2026 से पहले यह जानना बेहद ज़रूरी है कि घर में कौन-सा शिवलिंग रखें, कहां रखें और पूजा कैसे करें, ताकि नकारात्मकता पास भी न फटके।
Mahashivratri 2026 Special: घर के लिए कैसा शिवलिंग माना गया है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में हमेशा छोटे आकार का शिवलिंग ही स्थापित करना चाहिए। शास्त्रों में अंगूठे के बराबर शिवलिंग को सर्वश्रेष्ठ बताया गया है।
बड़े शिवलिंग मंदिरों के लिए होते हैं, घर में उन्हें रखना उचित नहीं माना जाता।
खास ध्यान रखें— टूटा, दरार वाला या खंडित शिवलिंग घर में रखने से वातावरण अशांत हो सकता है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
Mahashivratri 2026 Special: किस धातु का शिवलिंग घर में रखें?
घर में पूजा के लिए
सोना
चांदी
पीतल
मिट्टी
पत्थर
स्फटिक
पारद
से बना शिवलिंग शुभ माना गया है।
वहीं लोहे, स्टील या एल्युमिनियम से बने शिवलिंग घर में नहीं रखने चाहिए।
मान्यता है कि शिवलिंग के साथ गणेश जी, माता पार्वती, कार्तिकेय और नंदी की छोटी प्रतिमा रखने से पूजा पूर्ण मानी जाती है।
शिवलिंग रखने की सही दिशा क्या है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार शिवलिंग को
पूर्व या उत्तर दिशा में
ईशान कोण की ओर मुख करके
स्थापित करना उत्तम होता है।
शिवलिंग को शयन कक्ष में कभी न रखें। उसे ऐसे स्थान पर रखें जहां रोज पूजा हो सके और साफ-सफाई बनी रहे।
Mahashivratri 2026 Special: रोज ऐसे करें शिवलिंग की पूजा
प्रतिदिन स्नान के बाद शिवलिंग की पूजा करें।
सबसे पहले गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद
दूध
दही
घी
शहद
चीनी
से पंचामृत अर्पित करें।
चंदन का तिलक और सफेद फूल व बेलपत्र अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है।
इन बातों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
घर में एक से अधिक शिवलिंग न रखें
शिवलिंग के आसपास गंदगी न होने दें
पूजा के बाद जल को श्रद्धा से अर्पित करें
महाशिवरात्रि की रात जागरण और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से विशेष पुण्य मिलता है



