नई सरकार बनी… और 24 घंटे में जल उठा मणिपुर! शपथ ग्रहण के बीच हिंसा, गोलीबारी और बंद से हिला राज्य
डिप्टी सीएम के शपथ लेते ही भड़का आक्रोश, कुकी समूहों की खुली चेतावनी—“सरकार से दूर रहो विधायक”

इंफाल/चुराचंदपुर।जिस मणिपुर में नई सरकार के गठन के साथ शांति की उम्मीद जगी थी, वहां हालात ने महज 24 घंटे के भीतर खतरनाक मोड़ ले लिया। राज्य में नई सरकार बनते ही हिंसा फिर भड़क उठी। चुराचंदपुर जिले में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच सीधी झड़प हो गई, हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। कुछ इलाकों से गोलीबारी की भी खबरें सामने आई हैं।
शपथ ग्रहण… और उसी वक्त सड़कों पर आग
डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के दौरान ही विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार गठन पर सवाल उठाते हुए सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और सुरक्षा बलों से टकराव हो गया।
यह सब उस राज्य में हुआ, जहां लंबे समय से जातीय हिंसा के चलते पिछले साल राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा था। हाल ही में राष्ट्रपति शासन हटाकर युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार बनाई गई—लेकिन शांति की यह कोशिश तुरंत लड़खड़ा गई।
#WATCH | Manipur | Violence broke out between security forces and the mob in Churachandpur against Nemcha Kipgen and Losii Dikho, taking oath as the Deputy Chief Ministers of Manipur
Police use tear gas to disperse the protestors (05.02) pic.twitter.com/SQI9vpnjho
— ANI (@ANI) February 6, 2026
कुकी समूहों का ऐलान—बंद और चेतावनी
सरकार बनते ही कुकी समुदाय के कई संगठनों ने खुला विरोध शुरू कर दिया।
चुराचंदपुर में पूरी तरह बंद का आह्वान
कुकी विधायकों को नई सरकार की प्रक्रिया से दूर रहने की चेतावनी
Joint Front 7 ने कुकी-जो बहुल इलाकों में 12 घंटे के बंद का एलान
बंद के चलते बाजार, स्कूल और सामान्य जनजीवन ठप रहा। तुइबोंग इलाके में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण बने रहे, जहां दिनभर झड़पों का सिलसिला चलता रहा।
विरोध की जड़ में क्या है?
इस उबाल की बड़ी वजह मानी जा रही है—
कुकी-जो समुदाय की विधायक नेमचा किपगेन को डिप्टी सीएम बनाया जाना
कुछ कुकी विधायकों का सरकार को समर्थन देना
समुदाय के कई संगठनों का कहना है कि सरकार गठन में सामूहिक राय को नजरअंदाज किया गया, जिससे असंतोष फूट पड़ा।
सुरक्षा बढ़ी, प्रशासन अलर्ट
हालात को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।









