बजट में झारखंड को क्या मिला ? वित्त मंत्री ने रांची को दिया नया संस्थान, निमहांस-2 की स्थापना से क्या होगा फायदा, पढ़िये डिटेल
What did Jharkhand receive in the budget? The Finance Minister gave Ranchi a new institute. What will be the benefits of establishing NIMHANS-2? Read the details.

Budget For Jharkhand: इस बार के बजट में सभी राज्य को कुछ ना कुछ जरूर मिला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में देश में निमहांस-2 (NIMHANS-2) की स्थापना की घोषणा की है, जिसके लिए रांची और असम के तेजपुर को चुना गया है। इससे पूर्वी और उत्तर–पूर्व भारत में मानसिक स्वास्थ्य उपचार, शोध और प्रशिक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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रांची Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान देश में निमहांस-2 (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज-2) की स्थापना की घोषणा की।
इस फैसले को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठाया गया एक अहम और दूरगामी कदम बताया जा रहा है। इसके लिए झारखंड की राजधानी रांची और असम के तेजपुर को चयनित किया गया है। इस फैसले को पूर्वी और उत्तर–पूर्व भारत के लिए मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि देश में मानसिक रोगों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर बड़े, आधुनिक और विशेषज्ञ संस्थानों की आवश्यकता है।
अब तक बेंगलुरु स्थित निमहांस देश का प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान रहा है, लेकिन देश के बड़े हिस्से के लिए वहां तक पहुंचना कठिन होता है। इसी जरूरत को देखते हुए निमहांस-2 की परिकल्पना की गई है।
रांची को निमहांस-2 के लिए चुना जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। झारखंड की राजधानी पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत आधार रखती है। यहां कांके क्षेत्र में स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) और रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकेट्री एंड एलाइड साइंसेज (RINPAS) जैसे दो ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। इन संस्थानों की वजह से रांची को लंबे समय से देश के मानसिक स्वास्थ्य मानचित्र पर विशेष स्थान प्राप्त है।
साल 1918 में स्थापित CIP को एशिया के सबसे बड़े मनोरोग संस्थानों में गिना जाता है। 211 एकड़ में फैले इस संस्थान में 643 बेड की सुविधा उपलब्ध है और यह ओपन हॉस्पिटल मॉडल पर कार्य करता है।
यहां न केवल मनोरोग का इलाज किया जाता है, बल्कि नैदानिक मनोविज्ञान, मनोरोग सामाजिक कार्य और शोध व प्रशिक्षण का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। वहीं RINPAS भी ब्रिटिश काल से मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास, सामुदायिक सेवाओं और शिक्षण में अहम भूमिका निभाता आ रहा है।
रांची के इन संस्थानों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां इलाज बेहद सस्ता और मानवीय है। CIP में दो महीने तक भर्ती मरीज के इलाज, दवा, भोजन और कपड़ों सहित कुल खर्च लगभग 600 रुपये आता है, जबकि डॉक्टर की फीस मात्र 10 रुपये है।
यही वजह है कि यहां झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां बंद वार्डों के बजाय खुले और सम्मानजनक वातावरण में इलाज पर जोर दिया जाता है।
निमहांस-2 की स्थापना से रांची में पहले से मौजूद मानसिक स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूती मिलेगी। इससे अत्याधुनिक उपचार, उन्नत शोध, विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे।रांची के साथ-साथ असम के तेजपुर में भी निमहांस-2 की स्थापना की घोषणा की गई है। इससे पूर्वोत्तर राज्यों के मरीजों को भी बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा।
तेजपुर को शामिल किए जाने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है, क्योंकि इसी साल असम में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस फैसले से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, रांची और तेजपुर में निमहांस-2 की स्थापना से पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा। यह पहल आने वाले वर्षों में देश के लाखों मानसिक रोगियों के लिए राहत, सम्मानजनक इलाज और नई उम्मीद का केंद्र साबित हो सकती है।









