14 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश! धन दोगुना करने का सपना दिखाकर उड़ाए करोड़ों…फर्जी निवेश कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार, 8 आरोपी अब भी फरार
निवेशकों के हाथ लगीं सिर्फ कूटरचित रसीदें

गोरखपुर। प्रदेश में एक बार फिर निवेश के नाम पर बड़ा धोखाधड़ी कांड सामने आया है। पियर्स एलिड कारपोरेशन लिमिटेड के जरिए निवेशकों से करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में कंपनी के एक निदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आठ अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरओसी दिल्ली एवं हरियाणा में पंजीकृत इस कंपनी के सीएमडी दुर्गा प्रसाद दूबे और अन्य निदेशकों ने आरबीआई में बिना पंजीकरण कराए ही बिजनौर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कंपनी की शाखाएं खोल दी थीं।
कम समय में पैसा दोगुना करने का झांसा
आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने निवेशकों को आरडी और एफडी जैसी स्कीमों में निवेश करने का लालच दिया और कम समय में धन दोगुना करने का सपना दिखाया।
इसके बदले निवेशकों को कूटरचित बांड और फर्जी रसीदें थमा दी गईं और कपटपूर्ण तरीके से उनका मूलधन हड़प लिया गया।
जब निवेशकों ने अपनी जमा रकम वापस मांगी, तो कंपनी की शाखाएं अचानक बंद हो गईं और आरोपी रातों-रात फरार हो गए। अकेले बिजनौर जनपद में ही करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।
13 दोषी, एक गिरफ्तार… 8 की तलाश जारी
इस मामले में लखनऊ के आलमबाग थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच के बाद शासन के आदेश पर केस आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया।
विवेचना में कुल 13 अभियुक्त दोषी पाए गए, जिनमें से शैलेश कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया है। वह मूल रूप से झंगहा के रौनापार गांव का निवासी है और कानपुर के कर्नलगंज क्षेत्र में भी उसका मकान बताया जा रहा है।
फरार आरोपियों पर कसता शिकंजा
ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस प्रकरण में आठ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।









