रांची ब्रेकिंग: चार मंत्रियों की शिकायत कर कांग्रेस के पांचों विधायक वापस लौटे रांची, कहा, चारों मंत्री नहीं कर रहे अच्छा काम, क्या बदलेंगे कांग्रेस कोटे के मंत्री?

Ranchi Breaking: Five Congress MLAs returned to Ranchi after complaining about four ministers, saying, all four ministers are not doing good work, will the ministers from Congress quota be changed?

रांची। अपने मंत्रियों की शिकायत कर कांग्रेस विधायक अब रांची लौट आये हैं। रांची लौटकर विधायकों ने जिस तरह के तेवर दिखाये, उससे एक बात साफ है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस की रार एक बड़ी दरार बन जायेगी। झारखंड कांग्रेस के पांच विधायक, जो पिछले रविवार रांची से दिल्ली गए थे, गुरुवार (23 जनवरी) को वापस रांची लौट आए। दिल्ली में इन विधायकों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, झारखंड प्रभारी के राजू सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर राज्य सरकार में मंत्रियों के कामकाज और संगठन की स्थिति पर अपनी बात रखी।



 

रविवार को रांची से दिल्ली रवाना हुए कांग्रेस के पांच विधायक आज (23 जनवरी) वापस रांची लौट आए हैं। इन विधायकों ने दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर राज्य सरकार में शामिल कांग्रेस मंत्रियों के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय की कमी, मंत्रियों की कार्यशैली और पार्टी विधायकों की उपेक्षा जैसे मुद्दों को केंद्रीय नेतृत्व के सामने प्रमुखता से उठाया।

 

पांचों विधायकों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, झारखंड प्रभारी के राजू और अन्य वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग बैठकों में चर्चा की। बैठक के दौरान विधायकों ने साफ तौर पर कहा कि राज्य सरकार में कांग्रेस के कुछ मंत्री न तो संगठन को महत्व दे रहे हैं और न ही विधायकों की बातों को गंभीरता से ले रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

 

रांची एयरपोर्ट पर लौटने के बाद कांग्रेस विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप ने मीडिया से बातचीत में खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “हमने अपनी भावना से केंद्रीय नेतृत्व को रूबरू करा दिया है। चारों मंत्रियों को जिस तरह से काम करना चाहिए था, वह काम नहीं कर रहे हैं। उन्हें यह समझना होगा कि वे भी पार्टी से ही विधायक हैं, कोई स्पेशल नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मंत्रियों का पार्टी संगठन से कोई सरोकार नहीं दिखता, ऐसे में उनके पास जिम्मेदारी होने का क्या मतलब रह जाता है।

 

राजेश कच्छप ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हमारी बातों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर काम नहीं करने वाले मंत्रियों को बदलने की जरूरत पड़ी तो बदला जाएगा। पार्टी में और भी योग्य और सक्षम विधायक हैं।”

 

वहीं, कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने भी एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए लगभग इसी तरह के तेवर दिखाए। उन्होंने कहा, “मंत्रियों को यह समझना होगा कि पार्टी में सिर्फ वही मंत्री बनने योग्य नहीं हैं, और भी विधायकों में काबिलियत है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मंत्री अपने काम में सुधार नहीं करेंगे और पार्टी को अहमियत नहीं देंगे, तो उन्हें पद पर बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है।

 

सुरेश बैठा ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना है और इस पर उचित निर्णय लेने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में कांग्रेस के मंत्रिमंडल में बदलाव संभव है, अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ।कुल मिलाकर, दिल्ली दौरे से लौटे कांग्रेस विधायकों के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि झारखंड कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

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