सरकारी मंच बना अखाड़ा! ‘माननीय’ आपस में भिड़े…कांग्रेस सांसद ने BRS विधायक से कहा… तू है कौन?
तेलंगाना में नारियल फोड़ने को लेकर ऐसा बवाल कि शिलान्यास समारोह बदल गया सियासी युद्ध में

आपस में भिड़े ‘माननीय’, BRS विधायक से कांग्रेस सांसद बोले— तू है कौन!
तेलंगाना के जोगुलांबा गद्वाल जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान नेताओं के बीच ऐसा टकराव हुआ कि विकास कार्यों का मंच लड़ाई का अखाड़ा बन गया।
मामला वड्डेपल्ली मंडल का है, जहां कांग्रेस सांसद मल्लू रवि और अलंपूर से BRS विधायक विजयुडु के बीच प्रोटोकॉल को लेकर तीखी झड़प हो गई। हालात इतने बिगड़े कि सांसद ने विधायक को खुले मंच पर “तू होता कौन है!” कहकर अपमानित कर दिया।
नारियल फोड़ने से शुरू हुआ सियासी संग्राम
पूरा विवाद नारियल फोड़ने के अधिकार को लेकर शुरू हुआ।
मंगलवार को वड्डेपल्ली मंडल के पैपाड गांव में सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में—
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि
BRS विधायक विजयुडु
पूर्व विधायक संपत कुमार
और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे
जब सांसद मल्लू रवि ने शिलान्यास के दौरान नारियल फोड़ा, तो उसी वक्त मंडल के एक पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन ने भी नारियल तोड़ने की कोशिश की।
“बिना प्रोटोकॉल कैसे?”— यहीं भड़की चिंगारी
इस पर BRS विधायक विजयुडु ने आपत्ति जताते हुए सवाल कर दिया—
बिना प्रोटोकॉल वाले व्यक्ति के साथ नारियल कैसे फोड़ा जा सकता है?
बस फिर क्या था…
यह सवाल सुनते ही सांसद मल्लू रवि आग-बबूला हो गए। उन्होंने अपना आपा खोते हुए विधायक पर चिल्लाकर कहा—
“एवड़ा रा నువ్వు! (तू होता कौन है!)”
इतना ही नहीं, आरोप है कि सांसद ने विधायक को धक्का मारने की कोशिश भी की। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
यह पूरा विवाद वीडियो में रिकॉर्ड हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नेताओं का गुस्सा, चीख-पुकार और धक्का-मुक्की साफ देखी जा सकती है।
प्रोटोकॉल की जंग में कूदी सियासत
घटना के बाद BRS नेताओं ने कांग्रेस सांसद पर तीखा हमला बोला है।
BRS का आरोप है कि—
मल्लू रवि सांसद बनने के बाद क्षेत्र में समूह राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं
वे जातीय विद्वेष फैलाने का काम कर रहे हैं
अब यह मामला सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक तूफान का रूप ले चुका है।









