आज बड़े फैसलों की आहट! UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद भारत दौरे पर, पीएम मोदी संग होगी निर्णायक बैठक
रणनीतिक साझेदारी से लेकर निवेश-ऊर्जा तक—क्या भारत-UAE रिश्तों में आने वाला है नया भूचाल?

UAE President Mohammed bin Zayed Al Nahyan India Visit: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान आज से भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत पहुंचे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज़ से बेहद अहम मोड़ माना जा रहा है।
राजधानी दिल्ली में होने वाली यह यात्रा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक फैसलों की पटकथा लिख सकती है—ऐसे फैसले, जिनका असर भारत-UAE संबंधों से आगे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था तक दिख सकता है।
लगातार मजबूत हो रहा भारत-UAE भरोसा
यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास की साफ झलक है। बीते कुछ वर्षों में भारत और UAE के बीच उच्चस्तरीय दौरों की कड़ी देखने को मिली है।
सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद भारत आए
अप्रैल 2025 में दुबई के क्राउन प्रिंस और UAE के रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने भारत दौरा किया
वहीं भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13–15 दिसंबर 2025 के बीच अबू धाबी का दौरा कर 16वीं भारत-UAE संयुक्त आयोग बैठक और 5वें रणनीतिक संवाद की सह-अध्यक्षता की।
पीएम मोदी और शेख मोहम्मद: हालिया मुलाकातों की लंबी कड़ी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बीते समय में कई बार UAE का दौरा कर चुके हैं।
फरवरी 2024 की यात्रा ऐतिहासिक रही, जब पीएम मोदी ने अबू धाबी में BAPS हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया। इसके अलावा जून 2024 में इटली में हुए G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।
आज की बैठक में क्या होगा सबसे बड़ा एजेंडा?
पीएम मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के बीच होने वाली बैठक में—
भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा
व्यापार और निवेश में नए रास्तों पर चर्चा
ऊर्जा सुरक्षा और दीर्घकालिक सहयोग
रक्षा और वैश्विक-क्षेत्रीय मुद्दों पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक भविष्य के बड़े समझौतों की नींव रख सकती है।
कैसे हैं भारत-UAE रिश्ते?
भारत और UAE के संबंध राजनीतिक समझ, सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत आर्थिक साझेदारी पर टिके हैं। UAE भारत के शीर्ष व्यापार और निवेश साझेदारों में शामिल है।
CEPA समझौता, लोकल करेंसी सेटलमेंट सिस्टम और द्विपक्षीय निवेश संधि जैसे कदमों ने रिश्तों को नई मजबूती दी है। ऊर्जा के मोर्चे पर भी UAE भारत की ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा स्तंभ बना हुआ है।
क्या आज बनेगा भविष्य का रोडमैप?
दिल्ली की बंद कमरों वाली बातचीत आने वाले वर्षों के भारत-UAE रिश्तों की दिशा तय कर सकती है।
आज की बैठक सिर्फ कूटनीति नहीं—यह भविष्य की रणनीति का संकेत है, जिसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दे सकती है…








