ट्रेनी IAS पूजा खेडकर के घर डकैती, हाथ-पांव बांधकर ले गये सारा समान, पुलिस ने खुद से दर्ज की FIR
Trainee IAS officer Pooja Khedkar's house was robbed; the thieves tied her up and took all her belongings. The police registered the FIR on their own initiative.

Puja khedkar : पूर्व ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर फिर चर्चाओं में है। खबर है कि पूजा खेड़कर के बंगले में कथित डकैती की घटना सामने आई है। घटना के करीब 24 घंटे बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की है।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि घटना के लगभग 24 घंटे बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेते हुए एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है और कई अहम सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार देर रात बानेर रोड स्थित पूजा खेडकर के पारिवारिक बंगले में हुई। पूजा खेडकर ने पुलिस को दी गई सूचना में दावा किया कि अज्ञात हमलावरों ने उनके घर में घुसकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। शुरुआती बयान के मुताबिक, आरोपियों ने न केवल घर में लूटपाट की, बल्कि घर में मौजूद लोगों के साथ गंभीर आपराधिक हरकतें भी कीं।
हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद करने का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूजा खेडकर ने बताया कि हमलावरों ने उनके हाथ-पैर बांध दिए और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इतना ही नहीं, उनके माता-पिता, ड्राइवर, चौकीदार और रसोइए को कथित तौर पर नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया गया।
घर में रखी अलमारियों को क्रोबार से तोड़कर खोला गया और उनमें रखे सामान को खंगाला गया।डकैती में मोबाइल फोन और अलमारियों में रखा कुछ कीमती सामान ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि कुल कितने मूल्य का सामान चोरी हुआ है।
घरेलू सहायिका पर शक
मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब पुलिस को यह जानकारी मिली कि हाल ही में काम पर रखी गई एक घरेलू सहायिका, जो नेपाल की निवासी बताई जा रही है, इस घटना में संलिप्त हो सकती है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह दावा किया गया है कि उसी सहायिका ने पूजा खेडकर और उनके माता-पिता मनोरमा खेडकर एवं दिलीप खेडकर को नशीली दवाएं देकर बेहोश किया और फिर मोबाइल फोन व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गई।पूजा खेडकर का कहना है कि वह किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त करने में सफल रहीं और फिर एक अन्य फोन की मदद से पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुओ मोटू एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, घरेलू सहायिका की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाया जा रहा है, साथ ही घर में मौजूद अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान घर में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका से इनकार किया जा सकता है या नहीं।पूर्व ट्रेनी आईएएस अधिकारी से जुड़ा मामला होने के कारण यह घटना तेजी से सुर्खियों में आ गई है।
घटना के 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होना, घरेलू सहायिका पर सीधे आरोप और कथित डकैती की परिस्थितियां—ये सभी पहलू कई सवाल खड़े कर रहे हैं।


















