धान के बदले ज़हर! एक टोकन ने किसान को मौत के मुहाने तक पहुंचा दिया
डेढ़ महीने तक दफ्तरों की ठोकरें, फिर टूटा सब्र… फिर किसान की आत्महत्या की कोशिश

कोरबा: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर किसान की जान पर भारी पड़ती दिख रही है। धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिलने से टूट चुके एक किसान ने आखिरकार ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र के कोरबी गांव में किसान ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में किसान को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
“आज टोकन मिलेगा” सुनते-सुनते टूट गया किसान
परिजनों के अनुसार किसान पिछले डेढ़ महीने से धान बिक्री के लिए टोकन पाने के लिए भटक रहा था।
कई बार पटवारी कार्यालय गया
तहसील दफ्तर के चक्कर काटे
हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, टोकन नहीं
लगातार उपेक्षा, अपमान और मानसिक तनाव ने आखिरकार किसान को इस हद तक तोड़ दिया कि उसने ज़हर पीने जैसा खौफनाक फैसला कर लिया।
अस्पताल पहुंचीं सांसद, सरकार पर गंभीर आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित किसान से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना और परिजनों से बात की।
सांसद ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा—
“सरकार किसानों की लगातार अनदेखी कर रही है। यही वजह है कि किसान मानसिक दबाव में आकर आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।”
उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बड़ा सवाल— आखिर कब सुधरेगी व्यवस्था?
धान खरीदी, टोकन, दफ्तरों की दौड़ और अंत में मौत का डर—
यह कोई पहली घटना नहीं है। लेकिन हर बार सवाल वही रह जाता है👇
क्या किसान को अपनी फसल बेचने के लिए भी अपनी जान दांव पर लगानी पड़ेगी?


















