झारखंड ब्रेकिंग: सब इंस्पेक्टर घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, 50 हजार रुपये मांगी गयी थी रिश्वत, इंस्पेक्शन रिपोर्ट के नाम पर ली जा रही थी घूस
Jharkhand Breaking: Sub-inspector arrested red-handed while accepting bribe; Rs 50,000 demanded as bribe; bribe was being taken in the name of inspection report

रांची। एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने साल 2026 का पहला ट्रैप किया है। बेरो थाना में पदस्थ एक पुलिस अधिकारी को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह रिश्वत एक ट्रक की मैकेनिकल इंस्पेक्शन रिपोर्ट (MVI) आगे भेजने के एवज में मांगी गई थी। ACB की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, बेरो थाना क्षेत्र में पदस्थ एक पुलिस अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।
आरोपी की पहचान श्याम नंदन पासवान के रूप में हुई है, जो उस समय बेरो पुलिस स्टेशन, रांची में पुलिस सब-इंस्पेक्टर/असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। मामले की शुरुआत एक ट्रक मालिक की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने ACB को बताया कि उनका टाटा LPT 14-व्हीलर ट्रक पुलिस कार्रवाई के तहत बेरो थाना क्षेत्र में संबंधित था और उसकी मैकेनिकल इंस्पेक्शन रिपोर्ट (MVI) आगे भेजी जानी थी।
इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी पुलिस अधिकारी श्याम नंदन पासवान ने उनसे ₹50,000 की रिश्वत की मांग की।शिकायतकर्ता के अनुसार, वह रिश्वत देकर अपना काम कराना नहीं चाहते थे, लेकिन आरोपी अधिकारी लगातार दबाव बना रहे थे। पासवान बार-बार फोन कर परिवादी को थाना बुलाते थे और पैसों की मांग करते रहते थे।
लगातार हो रही इस अवैध मांग से परेशान होकर परिवादी ने आखिरकार एंटी-करप्शन ब्यूरो, रांची का दरवाजा खटखटाया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।ACB द्वारा शिकायत की गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें लगाए गए आरोप सही पाए गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अधिकारी वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहा था।
इसके बाद ACB ने नियमानुसार ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार 9 जनवरी 2026 को ACB की टीम ने बेरो पुलिस स्टेशन में कार्रवाई करते हुए श्याम नंदन पासवान को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।गिरफ्तारी के दौरान ACB टीम ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और मौके से रिश्वत की रकम बरामद की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम, 2018 की धारा 7(a) के तहत मामला दर्ज किया गया। इस संबंध में FIR नंबर 02/2026, दिनांक 07 जनवरी 2026 को दर्ज की गई है।
ACB अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डर के इसकी शिकायत ACB से करें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और शिकायत सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
















