सरकारी नौकरी का सपना बना डरावना जाल…रेलवे से लेकर 40 विभागों के नाम पर महाठगी…6 राज्यों में ED की ताबड़तोड़ रेड…
फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली जॉइनिंग और 2–3 महीने की सैलरी… फिर वसूली जाती थी मोटी रकम

देशभर में सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों को चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रेलवे समेत 40 से ज्यादा सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है।
गुरुवार (8 जनवरी) की सुबह से ही देश के 6 राज्यों के 15 शहरों में ED की छापेमारी जारी है, जिससे पूरे सिस्टम में हड़कंप मच गया है।
कैसे चलता था सरकारी नौकरी का यह खतरनाक स्कैम?
जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था।
पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर भेजे जाते थे
सरकारी विभागों से मिलते-जुलते फेक ई-मेल आईडी बनाई जाती थीं
इतना ही नहीं, भरोसा जीतने के लिए कुछ लोगों को 2 से 3 महीने तक सैलरी भी दी गई
कई पीड़ितों को तो RPF, TTE और टेक्नीशियन जैसी पोस्ट पर भेजकर ऐसा माहौल बना दिया जाता था, मानो उनकी नौकरी सच में लग गई हो।
इसके बाद उनसे लाखों रुपये की मोटी रकम वसूल ली जाती थी।
रेलवे से शुरू हुआ, 40 से ज्यादा विभागों तक फैला जाल
शुरुआत में यह स्कैम Indian Railways के नाम पर पकड़ा गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो तस्वीर और भी डरावनी निकली।
गिरोह ने जिन विभागों के नाम पर लोगों को ठगा, उनमें शामिल हैं—
Forest Department
RRB
Indian Post
Income Tax
High Court
PWD
Bihar Government
DDA
Rajasthan Secretariat
और कई अन्य सरकारी संस्थान
यानी सरकारी नौकरी का नाम सुनते ही भरोसा करने वालों को सीधे जाल में फंसा लिया जाता था।
किन-किन राज्यों में चल रही है ED की रेड?
ईडी इस मामले में बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में छापेमारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश:
गोरखपुर में 2 जगह
इलाहाबाद में 1 जगह
लखनऊ में 1 जगह
बिहार:
मुजफ्फरपुर में 1 जगह
मोतिहारी में 2 जगह
पश्चिम बंगाल:
कोलकाता में 2 ठिकानों पर रेड
गुजरात:
राजकोट में छापेमारी जारी
इन सभी जगहों पर महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल सबूत और लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
ED की कार्रवाई से बढ़ेगी मुश्किल, और खुल सकते हैं बड़े नाम
सूत्रों के मुताबिक, यह स्कैम सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें
मनी लॉन्ड्रिंग
फर्जी कंपनियां
और बड़े नेटवर्क की भूमिका
की भी जांच की जा रही है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।









