सड़क हादसे में मरा भिखारी… कंटेनर खुलते ही उड़ गए होश…45 लाख की नकदी… विदेशी मुद्रा और 2000 के नोट ने बढ़ाई सनसनी…
अस्पताल से चुपचाप गायब हुआ था शख्स, अगली सुबह मिला शव — फिर हुआ ऐसा खुलासा जिसने सबको दहला दिया

नई दिल्ली। केरल के अलाप्पुझा से सामने आई यह घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सड़क दुर्घटना में एक भिखारी की मौत के बाद जब उसके सामान की जांच हुई, तो अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोग तक सन्न रह गए। एक मामूली से दिखने वाले कंटेनर के अंदर छिपा था 45 लाख रुपये से ज्यादा का खजाना।
हादसा, अस्पताल और फिर रहस्यमयी गुमशुदगी
अलाप्पुझा के चारुम्मूट और आसपास के इलाकों में लंबे समय से भीख मांगने वाला यह शख्स सोमवार रात एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार, उसने अपना नाम अनिल किशोर बताया था।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई…
इलाज के दौरान ही वह बिना किसी को बताए अस्पताल से गायब हो गया। किसी को समझ नहीं आया कि गंभीर हालत में भी वह कैसे और क्यों चला गया।
दुकान के बाहर मिला शव, पास पड़ा था एक संदिग्ध कंटेनर
मंगलवार सुबह इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वही शख्स एक दुकान के बाहर मृत अवस्था में मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
शव के पास एक कंटेनर भी बरामद हुआ, जिसने इस पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया।
कंटेनर खुला और निकल पड़ा 45 लाख का खजाना!
स्थानीय पंचायत सदस्य फिलिप उम्मान की मौजूदगी में जब कंटेनर खोला गया, तो वहां मौजूद हर शख्स हैरत में पड़ गया।
कंटेनर के अंदर—
45 लाख रुपये से अधिक की नकदी
प्रतिबंधित 2000 रुपये के नोट
विदेशी मुद्रा
प्लास्टिक के डिब्बों में करीने से रखे पैसे
यह नजारा देखकर कोई भी यकीन नहीं कर पा रहा था कि यह सब एक भिखारी का सामान हो सकता है।
भीख मांगकर जीने वाला, लेकिन लाखों का मालिक!
स्थानीय लोगों के अनुसार, अनिल किशोर रोजाना खाने-पीने के लिए भीख मांगता था। उसकी जिंदगी बेहद साधारण दिखती थी।
किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी रकम अपने साथ लेकर घूमता था।
पंचायत सदस्य फिलिप उम्मान ने कहा—
“कंटेनर से पैसे निकलते देख हर कोई स्तब्ध था। किसी को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था।”
अब क्या होगा 45 लाख का? पुलिस ने साफ किया
पुलिस के मुताबिक,
नकदी को अदालत में सौंपा जाएगा
अगर मृतक के परिवार का कोई सदस्य दावा करने आता है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत फैसला होगा
दावा न आने की स्थिति में भी पैसे कोर्ट की निगरानी में रहेंगे
सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार…
एक भिखारी के पास
इतनी बड़ी रकम कहां से आई?
विदेशी मुद्रा और प्रतिबंधित नोट क्यों थे?
अस्पताल से भागने की वजह क्या थी?
इन सवालों ने इस घटना को सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी कहानी बना दिया है।
जांच जारी है… और सच्चाई अभी पर्दे के पीछे छिपी है।









