झारखंड- साला-सरहज ने मिलकर बहन के पति को मरवा डाला, अवैध संबंध में खेला गया खूनी खेल, हत्या कर हादसे का दिया रंग
Jharkhand: Brother-in-law and sister-in-law conspired to kill the sister's husband; a bloody crime committed due to an illicit affair, the murder was staged to look like an accident.

रांची। संजय उरांव की मौत रेल दुर्घटना में नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या करा दी गयी थी। अवैध संबंध को लेकर ये पूरी वारदात की गयी थी। रांची पुलिस ने गुमला के संजय उरांव ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया है।
हत्या को हादसे का रूप देने के लिए शव को रेलवे लाइन के किनारे फेंक दिया गया था। पुलिस ने गहन जांच के बाद पूरे मामले से पर्दा उठाया है।
दरअसल, 10 फरवरी 2025 को रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक नगर रोड नंबर-1 के पीछे रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में एक अज्ञात शव बरामद किया गया था। शव की हालत देखकर प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि व्यक्ति की मौत किसी ट्रेन की चपेट में आने से हुई है।
इसी कारण शुरुआती जांच में इसे रेल दुर्घटना मान लिया गया। कई दिनों तक शव की पहचान भी नहीं हो सकी, जिससे मामला और उलझ गया।
पुलिस को मिले तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर शव की पहचान गुमला जिले के निवासी संजय उरांव के रूप में हुई। पहचान के बाद जब शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, तो रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया। पोस्टमॉर्टम में स्पष्ट हुआ कि संजय उरांव की मौत रेल हादसे से नहीं, बल्कि चाकू से किए गए जानलेवा वारों के कारण हुई थी। इसके बाद यह मामला पूरी तरह हत्या में तब्दील हो गया।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) ने पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स, पारिवारिक पृष्ठभूमि और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड केस की परत-दर-परत जांच की।
हत्या की जड़ पारिवारिक विवाद और अवैध संबंध थे। जांच में सामने आया कि संजय उरांव का अपने साले की पत्नी, राजमणि देवी, के साथ अनुचित संबंध था।
इस बात को लेकर परिवार में पहले भी कई बार विवाद और कहा-सुनी हो चुकी थी। बावजूद इसके, संजय उरांव अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था।इसी रंजिश और आक्रोश में संजय के साले विनोद उरांव ने अपनी पत्नी राजमणि देवी की सहमति से हत्या की साजिश रची। योजना के तहत विनोद उरांव ने अमरदीप खालखो, जो कि पूर्व नक्सली बताया जा रहा है, और अनुप उरांव को भाड़े के हत्यारों के रूप में शामिल किया।
आरोपियों ने संजय उरांव को चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी और फिर सबूत मिटाने व हत्या को रेल हादसा दिखाने के इरादे से शव को अरगोड़ा थाना क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में फेंक दिया।









