यूपी में हिली सत्ता की कुर्सियां! आधी रात चली ‘तबादला एक्सप्रेस’, 20 IPS अफसरों की किस्मत बदली
लखनऊ से प्रयागराज तक बड़ा प्रशासनिक भूचाल, कई ताकतवर अफसर हटाए गए—क्या कानून-व्यवस्था पर सख्ती का बड़ा संकेत है?

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार ने अचानक ‘तबादला एक्सप्रेस’ चला दी है, जिससे 20 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। इस बड़े फेरबदल ने न सिर्फ पुलिस महकमे को चौंका दिया है, बल्कि सियासी और प्रशासनिक हलकों में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे अहम बदलावों में लखनऊ कमिश्नरेट के जेसीपी अमित वर्मा और प्रयागराज ज़ोन के एडीजी को उनके पदों से हटा दिया गया है। वहीं, तेज-तर्रार मानी जाने वाली अपर्णा कुमार को संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का दावा है कि यह कदम कानून-व्यवस्था को और सख्त व प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है, लेकिन अंदरखाने इसकी वजह कुछ और भी बताई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाएं, अफसरों के प्रदर्शन की समीक्षा और आगामी रणनीतियों को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है। अचानक हुए इन तबादलों ने यह साफ कर दिया है कि अब लापरवाही पर कोई रियायत नहीं मिलने वाली।
जानिए किन IPS अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी
राम कुमार, IPS (RR-1995)
राजकुमार, IPS (RR-1995)
ज्योति नारायन, IPS (RR-1996)
सजीव गुप्ता, IPS (RR-1999)
प्रशान्त कुमार, IPS (RR-2000)
तरुण गाबा, IPS (RR-2001)
आशुतोष कुमार, IPS (RR-2001)
अपर्णा कुमार, IPS (RR-2002)
मोदक राजेश डी. राव, IPS (RR-2003)
आर. के. भारद्वाज, IPS (RR-2005)
किरण एस., IPS (RR-2008)
आनन्द सुरेशराव कुलकर्णी, IPS (RR-2008)
अमित वर्मा
अखिलेश कुमार निगम, IPS (SPS-2008)
एन. कोलान्ची, IPS (RR-2008)
राजीव मल्होत्रा, IPS (SPS-2008)
रोहन पी. कनय, IPS (RR-2009)
मो. इमरान, IPS (RR-2011)
संतोष कुमार मिश्रा, IPS (RR-2012)
विजय दुल, IPS (RR-20__)
बड़ा सवाल:
क्या यह तबादला सिर्फ रूटीन प्रक्रिया है, या फिर आने वाले दिनों में यूपी पुलिस में और भी बड़े एक्शन देखने को मिलेंगे?



















