BIG BREAKING: जंगलों में खून-खराबा! सुरक्षाबलों से आमने-सामने नक्सली, 14 ढेर… AK-47 से गूंज उठा इलाका

सुबह 5 बजे से चल रही गोलीबारी, बड़े नक्सली कमांडर का भी खात्मा… ऑपरेशन अभी जारी, कई राज़ बाकी

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों से एक बार फिर रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें 14 नक्सली ढेर किए गए हैं।
यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर शुरू किए गए नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुई।

 सुबह 5 बजे से जंगलों में गोलियों की गूंज

जानकारी के मुताबिक,
👉 डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और माओवादियों के बीच
👉 सुबह करीब 5 बजे से रुक-रुक कर गोलीबारी शुरू हुई।

यह मुठभेड़ किस्टाराम थाना क्षेत्र के पामलूर के घने जंगलों में हुई, जहां नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी।

 बड़ा नक्सली नेता भी ढेर

मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में
👉 कोंटा एरिया कमेटी का सचिव सचिन मंगडू भी शामिल है, जिसे नक्सल संगठन का बड़ा चेहरा माना जाता था।

मुठभेड़ स्थल से अब तक
✔️ 2 नक्सलियों के शव मौके से बरामद
✔️ अन्य शव अलग-अलग इलाकों से मिलने की पुष्टि

मारे गए अन्य नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

 AK-47, INSAS और SLR बरामद

सुरक्षाबलों को मौके से

  • AK-47

  • INSAS राइफल

  • SLR जैसी
    कई ऑटोमैटिक हथियारों की बरामदगी हुई है, जो नक्सलियों की भारी तैयारी की ओर इशारा करती है।

 ऑपरेशन पर वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी नजर

सुकमा एसपी किरण चव्हाण लगातार ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
वहीं आईजी बस्तर पी. सुंदरराज ने बताया कि—

“अभियान अभी जारी है, इसलिए मुठभेड़ का सटीक स्थान, जवानों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारियां साझा नहीं की जा सकतीं। ऑपरेशन पूरा होने के बाद पूरी जानकारी दी जाएगी।”

 2025 में अब तक 285 नक्सली ढेर

आंकड़े बताते हैं कि
👉 साल 2025 में छत्तीसगढ़ में अब तक 285 नक्सली मारे जा चुके हैं

  • बस्तर संभाग में: 257 नक्सली

  • रायपुर संभाग (गरियाबंद) में: 27 नक्सली

इससे पहले 20 दिसंबर को भी सुरक्षाबलों ने सुकमा से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था।

बीजापुर के जंगलों में हुई यह मुठभेड़ नक्सलियों के लिए करारा झटका मानी जा रही है।
लेकिन सवाल अभी बाकी है—
क्या यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ पाएगी, या जंगलों में अभी और भी साजिशें पल रही हैं?

👉 फिलहाल इतना तय है कि सुरक्षाबलों का शिकंजा और कसता जा रहा है।

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