‘शाहरुख खान की जीभ काटकर लाएगा उसे एक लाख का इनाम’ जानिये किंग खान पर भड़क रहा है पूरा देश

Shahrukh Khan : आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल किए जाने को लेकर हिंदू संगठनों का विरोध तेज हो गया है। इस विवाद के बीच अखिल भारतीय हिंदू महासभा की एक पदाधिकारी द्वारा बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के खिलाफ दिया गया आपत्तिजनक बयान सामने आया है, जिससे सियासी और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

इस नाराजगी की आंच अब बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान तक पहुंच गई है। इसी क्रम में अखिल भारतीय हिंदू महासभा, आगरा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर का एक बेहद विवादित बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और भड़का दिया है। मीरा राठौर बुधवार को मथुरा पहुंची थीं, जहां वे अनिरुद्ध आचार्य महाराज से जुड़े एक मामले में कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराने गई थीं। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने शाहरुख खान को लेकर आपत्तिजनक और उकसाने वाला बयान दिया।

उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। हालांकि, इस तरह के बयानों की व्यापक स्तर पर निंदा भी हो रही है और कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से इसे गंभीर माना जा रहा है।

बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लेकर नाराजगी
मीरा राठौर ने अपने बयान में कहा कि बांग्लादेश में कथित तौर पर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं और ऐसे में वहां के खिलाड़ियों को आईपीएल जैसी बड़ी लीग में शामिल करना गलत है। उनका कहना था कि “जब हमारे हिंदू भाइयों के साथ वहां अत्याचार हो रहा है, तब उसी देश के खिलाड़ियों को यहां मौका देना भावनाओं को आहत करने वाला है।” इसी विरोध के प्रतीक के तौर पर उन्होंने शाहरुख खान के पोस्टर पर कालिख पोतने और चप्पल मारने की बात भी कही।

पहले भी हो चुके हैं बयान
शाहरुख खान को लेकर यह पहला विवादित बयान नहीं है। इससे पहले कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी के नेता संगीत सोम भी आईपीएल और बांग्लादेशी खिलाड़ियों के मुद्दे पर अभिनेता को निशाने पर ले चुके हैं। कुछ नेताओं ने शाहरुख खान पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें “गद्दार” तक कहा था। हालांकि, अब तक भाजपा या किसी शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की ओर से इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर तीखी बहस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक वर्ग जहां बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ कथित हिंसा को लेकर चिंता जता रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इस तरह के उग्र और भड़काऊ बयानों को गलत और अस्वीकार्य बता रहा है। कई लोगों का कहना है कि खेल और खिलाड़ियों को राजनीति या नफरत से अलग रखा जाना चाहिए।

प्रशासन की नजर
सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह के उकसाने वाले बयान कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं और इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी संभव है। फिलहाल, किसी भी तरह की आधिकारिक शिकायत या एफआईआर की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो और बयान को लेकर जांच की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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