अब नेटवर्क गायब तो भी कॉल चालू! BSNL का मास्टरस्ट्रोक—पूरे देश में Wi-Fi Calling शुरू, बिना एक रुपया extra खर्च
नया साल, नई सुविधा—कम सिग्नल वाले इलाकों में भी अब Wi-Fi से होगी साफ बातचीत, न ऐप की जरूरत न नया प्लान

नई दिल्ली: नए साल की शुरुआत BSNL ग्राहकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने पूरे देश के सभी टेलीकॉम सर्किल में Wi-Fi Calling (Voice over WiFi – VoWiFi) सेवा शुरू कर दी है। अब मोबाइल नेटवर्क कमजोर हो या बिल्कुल न हो, फिर भी कॉल करना और रिसीव करना संभव होगा।
कमजोर नेटवर्क में भी अब बिना रुकावट कॉल
Wi-Fi Calling का सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों में मिलेगा, जहां मोबाइल नेटवर्क अक्सर धोखा दे देता है। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले BSNL यूज़र्स अब किसी भी स्थिर Wi-Fi नेटवर्क के जरिए आसानी से कॉल कर सकेंगे।
अगर आपके घर या ऑफिस में BSNL भारत फाइबर या कोई अन्य ब्रॉडबैंड कनेक्शन है, तो नेटवर्क की टेंशन अब खत्म।
बिना ऐप, सीधे मोबाइल डायलर से बात
इस सुविधा के लिए किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। Wi-Fi Calling सीधे आपके फोन के डिफॉल्ट डायलर से काम करती है और कॉल आपके उसी पुराने मोबाइल नंबर से होती है।
खास बात यह है कि कॉल के दौरान अगर नेटवर्क बदले, तो फोन अपने आप Wi-Fi और मोबाइल नेटवर्क के बीच स्विच कर लेता है—बातचीत बीच में कटती नहीं।
कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं, वही पुराना प्लान
BSNL ने साफ कर दिया है कि Wi-Fi Calling के लिए कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Wi-Fi के जरिए की गई कॉल्स को सामान्य वॉयस कॉल की तरह ही बिल किया जाएगा। यानी जो प्लान आपके पास पहले से है, उसी पर कॉल होगी—एक भी रुपया extra नहीं।
किन मोबाइल फोन में मिलेगी सुविधा
Wi-Fi Calling ज्यादातर नए और आधुनिक स्मार्टफोन्स में सपोर्ट करती है।
यूज़र्स को बस अपने मोबाइल की सेटिंग में जाकर Wi-Fi Calling ऑप्शन ऑन करना होगा।
अगर किसी डिवाइस को लेकर कन्फ्यूजन हो, तो BSNL ने नजदीकी सर्विस सेंटर या हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है।
नेटवर्क अपग्रेड की दिशा में बड़ा कदम
देशभर में Wi-Fi Calling की शुरुआत BSNL के नेटवर्क आधुनिकीकरण अभियान का अहम हिस्सा मानी जा रही है। इसका मकसद उन क्षेत्रों में भी बेहतर कनेक्टिविटी देना है, जहां अब तक मोबाइल नेटवर्क एक बड़ी चुनौती रहा है।
इससे न सिर्फ ग्राहकों को राहत मिलेगी, बल्कि मोबाइल टावरों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।
कुल मिलाकर, BSNL का यह कदम उन यूज़र्स के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है, जो अब तक “नेटवर्क नहीं है” की परेशानी से जूझ रहे थे।















