झारखंड: “मुर्गियां औकात से बाहर गयी तो मार डाला” मुर्गियों के चक्कर में गांव में हुआ बवाल, फिर पंचायत ने सुनायी ऐसी सजा, कि गांववालों ने …
Jharkhand: "When the chickens went beyond their limits, they were killed." A commotion broke out in the village over chickens, and the village council handed down such a punishment that the villagers...

पलामू। मुर्गों के चक्कर में गांव में बवाल मच गया। विवाद सलटाने के लिए पंचायत भी बुलायी गयी, जिसके बाद पचायत ने किसी तरह से जुर्माने की राशि लेकर मामले को शांत कराया। मामला पलामू जिले के खनवा गांव का है। जहां एक परिवार ने मुर्गा मुर्गी पाल रखा था, लेकिन मुर्गा इधर-उधर मंडराता रहता था और दूसरों के घर में चल जाया करता था। मुर्गियों को हद में रखने को लेकर कई बार परिवार में विवाद भी हो चुका था, लेकिन जब मुर्गियां कंट्रोल नहीं हुई, तो फिर उसे जहर देकर मार डाला गया।
यह घटना स्वर्गीय बिरजू उरांव के स्वजनों से जुड़ी है, जिनका परिवार मुर्गी पालन कर अपने जीविकोपार्जन का साधन चलाता है। अचानक मुर्गियों की मौत होने से परिवार को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक पीड़ा का भी सामना करना पड़ा।परिवार के अनुसार, सुबह जब वे अपने आंगन और आसपास के क्षेत्र में पहुंचे तो कई मुर्गियां तड़पती हुई मिलीं। कुछ ही देर में दर्जनों मुर्गियों की मौत हो गई।
परिवार को आशंका हुई कि मुर्गियों को किसी जहरीले पदार्थ के संपर्क में लाया गया है। इस घटना की सूचना तत्काल गांव के अन्य लोगों और मुखिया को दी गई।घटना की जानकारी मिलते ही गांव के मुखिया पति नरेंद्र मेहता मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों से बातचीत की, साथ ही आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ की। जांच और बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि गांव के ही एक व्यक्ति गुलाब शर्मा द्वारा पहले भी मुर्गियों को लेकर नाराजगी जताई जाती रही थी।
ग्रामीणों के अनुसार, गुलाब शर्मा ने पीड़ित परिवार को पहले धमकी दी थी कि यदि मुर्गियों को ठीक से नहीं संभाला गया, तो इसका अंजाम बुरा हो सकता है। आरोप है कि इसी धमकी के कुछ समय बाद मुर्गियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इससे ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि मुर्गियों को जानबूझकर जहर दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने मुर्गियों की मौत से हुए नुकसान और पहले मिली धमकियों का जिक्र किया, जबकि आरोपी पक्ष की ओर से भी अपनी सफाई दी गई। लंबी चर्चा के बाद पंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
पंचायत के फैसले के अनुसार, आरोपी गुलाब शर्मा को पीड़ित परिवार को दो हजार रुपये जुर्माने के रूप में देने का आदेश दिया गया। यह राशि मृत मुर्गियों से हुए नुकसान की आंशिक भरपाई के रूप में तय की गई। जुर्माने की राशि अदा करने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया और मामले को यहीं समाप्त मान लिया गया।इस संबंध में मुखिया पति नरेंद्र मेहता ने बताया कि गांव में आपसी विवादों को आपसी बातचीत और पंचायत के माध्यम से सुलझाने की परंपरा रही है।









