राज्य में भूचाल! राइस मिल से लाखों कैश, पेट्रोल पंप, आलीशान घर… EOU की रेड में विकास अधिकारी नहीं, धन का पहाड़ निकला!
EOU की ताबड़तोड़ कार्रवाई: बिहार का विकास अधिकारी बना करोड़पति! छापों में मिला खजाना

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पाटलिपुत्र सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के विकास अधिकारी भावेश कुमार सिंह के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
जो खुलासे सामने आए, उसने पूरे सिस्टम को हिला दिया है—
विकास अधिकारी कम, धन कुबेर ज्यादा!
राइस मिल से बरामद हुए 40 लाख कैश!
छापेमारी के दौरान EOU की टीम को
उनकी जय माता दी राइस मिल से करीब 40 लाख रुपये कैश,
महंगे गहने,
करोड़ों की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज
मिले हैं।
अब तक की जानकारी के मुताबिक यह संपत्ति उनकी वैध आय से काफी अधिक है।
छापेमारी कहाँ-कहाँ हुई?
EOU ने शुक्रवार को जिन जगहों पर एक साथ रेड मारी, उनमें शामिल हैं—
रूपसपुर, पटना — पुष्पक रेसिडेंसी अपार्टमेंट (फ्लैट नंबर 203)
पटना का जकरियापुर स्थित मकान
गोपालगंज, माझागढ़ — पैतृक आवास (जलालपुर गांव)
गोपालगंज — भावना पेट्रोलियम
बेला, बिहटा — जय माता दी राइस मिल
एसपी वर्मा रोड, पटना — पाटलिपुत्र सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक का कार्यालय
हर जगह से टीम को भारी मात्रा में दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं।
60.68% ज्यादा संपत्ति! EOU ने कोर्ट से लिया वारंट
EOU ने बताया कि भावेश कुमार सिंह पर अपनी आय से 60.68% अधिक संपत्ति इकट्ठा करने के आरोप हैं।
कोर्ट से वारंट मिलने के बाद यह छापेमारी शुरू की गई।
डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, और पूरी संपत्ति का असली वैल्यूएशन निकालने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी होगी।
एक दिन पहले ही दर्ज हुआ था केस
भावेश कुमार सिंह के खिलाफ
कांड संख्या 43/2025
आर्थिक अपराध थाना में गुरुवार को ही दर्ज हुआ था। इसी के बाद रेड की कार्रवाई तेज कर दी गई।









