JSSC CGL परीक्षा पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला…पेपर लीक का सबूत नहीं, लेकिन इन 10 का रिजल्ट नहीं आएगा, जानें वजह?”
The High Court has issued a significant ruling on the JSSC CGL exam! There's no evidence of a paper leak, but these 10 students won't be able to get their results. Find out why.

झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीजीएल) में पेपर लीक होने वाले आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि उपलब्ध परीक्षा प्रमाण में शुद्धता भंग होने का कोई संकेत नहीं है. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और राजेश शंकर ने अदालत में अपने फैसले में पेपर लीक के आरोपों को लेकर कहा कि अब तक कोई भी ऐसा प्रमाण नहीं मिला है जिससे ये साबित हो सकता है कि प्रश्नपत्र लीक हुई है.
जांच की मांग नहीं होगी पूरी
प्रार्थियों ने सीबीआई जांच की मांग की थी. लेकिन उनकी मांग को यह बोलकर खारिज कर दिया गया है कि एसआईटी को कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला है. अदालत ने कहा कि एसआईटी की जांच अभी जारी है लगभग 6 महीने में जांच की प्रकिया को पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी. नेपाल गए 28 अभ्यथियों में मात्र 10 के सफल होने को प्रश्न पत्र लीक से जोड़ने को हाईकोर्ट न अधूरा माना है. इन 10 अभ्यथियों का परिणाम परिणाम जांच होने तक स्थगित रहेगा, जबकि बाकि अभ्यथियों की नियुक्ति प्रकिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं होगी.
सोशल मीडिया में वायरल प्रश्न पत्र पर क्या कहा!
कोर्ट ने 60 पन्नों के निर्णय में कहा कि न किसी केन्द्र, न परिवहन व्यवस्था और न ही कोई आरोपी के मोबाईल से प्रश्न पत्र की कोई नकल मिली है. सोशल मीडिया के द्वारा वायरल हुए सवालों को कोर्ट ने पिछले वर्षों का प्रश्न बताया, जिन्हें कोई भी परिक्षा में भाग लेने वाले प्रतियोगी छात्र पढ़ सकते है.









