झारखंड में फिर गरमाया शराब घोटाला…सबूत मिटाने के आरोप में विनय सिंह की जमानत रद्द करने ACB पहुंची कोर्ट, जानें पूरा मामला
Jharkhand's liquor scam flares up again...ACB moves court to cancel Vinay Singh's bail on charges of destroying evidence; learn the full story.

रांची में 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में मुख्य आरोपी कारोबारी विनय सिंह की जमानत रद्द कराने के लिए अदालत में याचिका दायर की है। ACB का आरोप है कि विनय सिंह ने डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ करके उन्हें नष्ट करने की कोशिश की, जो गंभीर अपराध माना जाता है।
पहले भी अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था, हालांकि उस दौरान एसीबी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई। बाद में उन्होंने कोर्ट से जमानत ले ली थी। लेकिन जांच के दौरान ACB को सूचना मिली कि वे केस से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य डिलीट कर रहे हैं। इसके बाद ACB टीम ने उनके आवास, नेक्सजेन शोरूम और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की।
छापेमारी में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद
छापेमारी के दौरान ACB को 198 फाइलें, 27 CPU, एक लैपटॉप, जमीन से जुड़ी चार रजिस्ट्री और दो मोबाइल फोन मिले। सभी डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (FSL) भेजा गया। FSL रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि छापेमारी से पहले ही डेटा डिलीट करने और सिस्टम फॉर्मेट करने के कई प्रयास किए गए थे। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर ACB ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग रखी है।
जांच के नए चरण में प्रवेश की संभावना
ACB का यह कदम रांची शराब घोटाले की जांच को नए चरण में ले जा सकता है। यदि अदालत जमानत रद्द करने की अनुमति देती है, तो विनय सिंह की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ जाएगी। ब्यूरो का कहना है कि जब्त डिजिटल साक्ष्यों के विस्तृत विश्लेषण के बाद मामले से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल ACB घोटाले के विभिन्न पहलुओं को गहराई से जांच रही है।









