रातों-रात गायब हुए गाँव…बाढ़–भूस्खलन ने मचाई तबाही…56 लाशें बरामद… सरकार ने बंद किए दफ्तर–स्कूल…

श्रीलंका में क़हर: बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार, दफ्तर–स्कूल बंद द्वीप देश में हर तरफ चीख-पुकार, अगले 48 घंटे और भयावह!

श्रीलंका में क़हर: बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार, दफ्तर–स्कूल बंद. द्वीप देश में हर तरफ चीख-पुकार, अगले 48 घंटे और भयावह!

श्रीलंका इन दिनों भयंकर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। लगातार हो रही बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि देशभर में बाढ़ और भूस्खलन की स्थितियां नियंत्रण से बाहर हो गईं। हालात इतने बिगड़ गए कि शुक्रवार को सरकार को पूरे देश के सरकारी दफ्तरों और स्कूलों को पूर्ण रूप से बंद करने का निर्देश देना पड़ा।

56 मौतें, 600 से ज्यादा घर मलबे में तब्दील

पिछले सप्ताह से जारी भारी बारिश ने श्रीलंका को बड़ी त्रासदी की ओर धकेल दिया है। बाढ़ और भूस्खलन की भयावह घटनाओं में अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 600 से अधिक घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
कई इलाकों में सड़कें, खेत और आबादी के बीच पानी ऐसी रफ्तार से घुसा कि लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला।

पहाड़ी इलाकों में तबाही की सबसे काली रात

विशेष रूप से बादुल्ला और नुवारा एलिया के चाय उत्पादक पर्वतीय इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। यहां गुरुवार को ही 25 से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि

  • 21 लोग लापता

  • 14 लोग गंभीर रूप से घायल

इन इलाकों में भूस्खलन से पूरे-के-पूरे घर ज़मीन के भीतर समा गए।

सरकार ने किया लॉकडाउन जैसा फैसला

हालात बिगड़ने पर सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ा निर्णय लिया—
✔ सभी सरकारी कार्यालय बंद
✔ सभी स्कूल-कॉलेज बंद
✔ कई इलाके पूरी तरह सील

जलाशय और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई सड़कों पर चट्टानें और पेड़ गिर जाने से रास्ते बंद कर दिए गए हैं। यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी रोक दी गई है।

बचाव कार्य में तीनों सेनाएं उतरीं

बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए वायुसेना, नौसेना और पुलिस लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
वायरल वीडियो में देखा गया कि वायुसेना का हेलीकॉप्टर एक घर की छत पर फंसे तीन लोगों को रस्सियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल रहा है।
नौसेना और पुलिस नावों के जरिए बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में रेस्क्यू जारी रखे हुए हैं।

अगले 48 घंटे और भी डरावने!

श्रीलंका के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दो दिन और भी खतरनाक हो सकते हैं। तेज बारिश, पहाड़ों में और भूस्खलन और जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

Related Articles