झारखंड : होम गार्ड का ‘अपना’ ही निकला गद्दार? कंपनी कमांडर ने ACB को बताया अवैध वसूली का काला सच!

Home Guard's own man turns out to be a traitor? Company Commander reveals the dark truth of illegal extortion to ACB!

रांची: होमगार्ड विभाग में भ्रष्टाचार का मामला फिर से सुर्खियों में है। बर्खास्त कंपनी कमांडर कैलाश प्रसाद यादव ने बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने होमगार्ड मुख्यालय में तैनात कई अधिकारियों पर निलंबन समाप्त होने के बाद अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है।

कैलाश ने ACB को बताया कि उनके निलंबन खत्म होने के बाद उन्हें प्रताड़ित कर DIG होमगार्ड को तीन लाख और DG को पांच लाख रुपये देने के लिए दबाव डाला गया। पैसा नहीं देने पर उन्हें सख्त कार्रवाई की धमकी दी गई। शिकायत के साथ डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य भी ACB को सौंपे गए हैं, जिससे मामला और गंभीर माना जा रहा है। प्रारंभिक संकेत हैं कि ब्यूरो इस प्रकरण की गोपनीय जांच शुरू कर सकता है।

शिकायत में आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं। इसमें शामिल हैं:

  • अनूप कुमार, प्रभारी निरीक्षक, स्थापना शाखा

  • सूरज प्रकाश, DIG होमगार्ड के गोपनीय रीडर

  • दीपक कुमार, DG होमगार्ड के गोपनीय रीडर

  • संजय कुमार सिंह, निरीक्षक, OTD शाखा

कैलाश ने बताया कि दीपक कुमार ने उनसे 15 हजार, अनुज कुमार ने 45 हजार, संजय सिंह ने 8 हजार, और सूरज प्रकाश ने 37 हजार रुपये वसूले। इसके अलावा उन्हें आगे 8 लाख रुपये देने का दबाव भी बनाया गया।

गौरतलब है कि कैलाश प्रसाद यादव को 24 नवंबर 2025 को बर्खास्त किया गया था। उन पर कथित रूप से जवानों की फर्जी नियुक्ति कराने का आरोप था। बर्खास्तगी के कुछ दिनों बाद ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए ACB में शिकायत दर्ज कराई।

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