झारखंड- जिलाध्यक्ष गिरफ्तार : ब्लाक कार्यालय में हंगामा, कर्मचारियों से दुर्व्यवहार, मारपीट, सीओ की शिकायत पर मामला दर्ज, जिलाध्यक्ष गिरफ्तार
Jharkhand- District President arrested: Uproar in block office, misbehavior with employees, assault, case registered on complaint of CO, District President arrested

पलामू। मेदिनीनगर सदर अंचल कार्यालय में बड़ा बवाल हुआ। इस दौरान चौकीदार की पिटाई और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में हम पार्टी के जिला अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को गिरफ्तार किया है। अंचल अधिकारी की शिकायत पर उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोप है कि हम पार्टी के जिला अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने कथित रूप से कार्यालय परिसर में हंगामा किया। इस दौरान वहां तैनात चौकीदार की पिटाई कर दी गई, जबकि बीच-बचाव करने आए अन्य कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की गई। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और आरोपी नेता को गिरफ्तार कर थाने ले गई।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार की सुबह अंचल अधिकारी अमरदीप बल्होत्रा अपने कार्यालय कक्ष में पहुंचे थे। उसी दौरान आशुतोष तिवारी भी उनके पीछे-पीछे कार्यालय में पहुंचे और कथित तौर पर हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि तिवारी ने अंचल अधिकारी से किसी मामले को लेकर तेज आवाज में बहस की।इस दौरान जब चौकीदार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। वहीं, अन्य कर्मचारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी अभद्र भाषा में बात की गई और उन्हें धमकाया गया।
एफआईआर दर्ज, कई गंभीर धाराएं लगीं
घटना के बाद अंचल अधिकारी अमरदीप बल्होत्रा ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत मेदिनीनगर टाउन थाना में दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आशुतोष तिवारी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि आवेदन मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। मामले से जुड़े कर्मचारियों और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि यह मामला सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, दुर्व्यवहार और एससी/एसटी एक्ट से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है, इसलिए जांच तेजी और निष्पक्षता के साथ की जा रही है।








