कोल्हान बंद : चंपाई सोरेन का सरकार के खिलाफ हल्ला बोल…पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप…जानिए आगे क्या होगा?
Kolhan Bandh: Champai Soren's attack against the government...made serious allegations against the police...know what will happen next?

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक चंपाई सोरेन ने चाईबासा में ग्रामीणों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर प्रहार किया है. मंगलवार को जमशेदपुर में उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में आदिवासियों की ‘दशा और दिशा’ बता रही है, और उनकी अस्मिता खतरे में है.
सोमवार देर रात हुई इस घटना के विरोध में, चंपाई सोरेन ने बुधवार को कोल्हान बंद का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि संथाल परगना को किसी अन्य धर्म या समुदाय का परगना नहीं बनने दिया जाएगा.
रोके जाने पर भी नहीं रुके
जमशेदपुर से चाईबासा की ओर रवाना हुए सोरेन को कुज्जू सीमा पर जिला प्रशासन ने रोक दिया. इसके बाद उन्होंने वहीं ग्रामीणों से मुलाकात की और सरकार के ‘दमनकारी रवैये’ की निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘नो एंट्री’ की शांतिपूर्ण मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.
आदिवासियों को बनाया गया ‘आसान टारगेट’
चंपाई सोरेन ने पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भोगनाडीह में सिदो-कान्हू के वंशजों पर लाठीचार्ज, गोड्डा में सूर्या हांसदा का कथित फर्जी एनकाउंटर, और नगड़ी में किसानों पर हमले के बाद अब चाईबासा की घटना साबित करती है कि यह सरकार आदिवासियों को ‘सबसे आसान टारगेट’ समझती है.
उन्होंने गंभीर चिंता जताते हुए सवाल किया कि गिरफ्तार किए गए 17 लोग कहां हैं, “कहीं पुलिस उनका भी एनकाउंटर न कर दे।” उन्होंने संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में सरकार द्वारा दिए गए 2 लाख के मुआवजे को ‘अपराध की कीमत’ बताते हुए कड़ी आलोचना की. चंपाई सोरेन ने कहा कि अब राज्य भर के आदिवासी संगठन एकजुट हो रहे हैं और अधिकारों के हनन पर सड़कों पर उतरकर जवाब दिया जाएगा.









