झारखंड: नौकरी नहीं मिली तो बन गया चोर, शातिर चोर को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा, 5 महीने में कई लोगों को कर चुका था कंगाल

Jharkhand: Unable to find a job, he became a thief. Police surrounded and apprehended the cunning thief, who had impoverished many people in five months.

Jharkhand Crime News: झारखंड पुलिस ने एक ऐसे पढ़े लिखे चोर को पकड़ा है, जो निकला तो था नौकरी की तलाश में, लेकिन वो चोरी का काम करने लगा। दुमका नगर थाना पुलिस ने रेल यात्रियों और शहर के विभिन्न इलाकों से मोबाइल चोरी करने वाले उस युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 20 चोरी के स्मार्टफोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, जब्त सामान की कीमत लगभग चार लाख रुपये है।

 

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण वह अपराध के रास्ते पर चला गया।पुलिस ने आरोपी को स्टेशन रोड स्थित एक लॉज से दबोचा, जहां से 20 चोरी के स्मार्टफोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया। जब्त किए गए सभी सामान की कीमत लगभग चार लाख रुपये बताई जा रही है।

 

पांच महीने से सक्रिय था आरोपी

नगर थाना प्रभारी जगन्नाथ धान ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते पांच महीनों से शहर और ट्रेनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। शनिवार को एक ट्रेन यात्री ने शिकायत की कि उसका मोबाइल चोरी हो गया है। पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए चोरी हुए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो रसिकपुर इलाके के विभाकर चौधरी के घर से आ रही थी।पूछताछ के दौरान पता चला कि घर में चल रहे स्टूडेंट्स लॉज में विवेक नामक युवक रह रहा है। जब पुलिस ने लॉज के कमरे की तलाशी ली, तो वहां से 20 स्मार्टफोन और एक लैपटॉप बरामद हुआ।

 

आरोपी बिहार का निवासी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विवेक कुमार, निवासी लबोरदार गांव, थाना बाराहाट, जिला बांका (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वह भागलपुर विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में ऑनर्स कर चुका है और वर्तमान में दुमका में आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था।

बेरोजगारी ने बनाया अपराधी

पुलिस पूछताछ में विवेक ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उसे कहीं नौकरी नहीं मिली। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे वह दबाव में आकर चोरी करने लगा। उसने कहा कि “मुझे घर से उम्मीद थी कि मैं कुछ कमाऊंगा, लेकिन जब ऐसा नहीं हो पाया तो अपराध का रास्ता अपनाना पड़ा।”

 

ट्रेनों को बनाता था निशाना

आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि वह भागलपुर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था। रात के समय जब यात्री सो जाते थे, तो वह उनके मोबाइल या बैग चुरा लेता था। कई बार उसे मोबाइल कवर में रखे पैसे और गहने भी मिल जाते थे। उसने बताया कि चोरी किए गए मोबाइलों को छठ पूजा के बाद बेचने की योजना बना रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

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