चक्रवात मोंथा झारखंड में भी बरपायेगा कहर, इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ होगी बारिश, जानिये साइक्लोन का कब से दिखेगा भयानक रूप

Cyclone Montha will wreak havoc in Jharkhand as well, with rain and thunderstorms expected in these districts. Find out when the cyclone will become severe.

Cyclone Monta Update : चक्रवात मोंथा को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है।चक्रवात का बड़ा असर झारखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का सिस्टम अब धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जानकारी के अनुसार यह सिस्टम डीप डिप्रेशन में तब्दील होकर 28 अक्टूबर की शाम या रात तक काकीनाडा के पास समुद्रतट से टकराएगा। इस चक्रवाती तूफान का नाम ‘मोंथा’ रखा गया है, जिसका थाई भाषा में अर्थ “सुगंधित और सुंदर फूल” है।

 

झारखंड में चक्रवात पर असर

रांची मौसम केंद्र के वरीय मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक सतीश चंद्र मंडल ने बताया कि सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में आंशिक बादल छाने लगे हैं। 26 और 27 अक्टूबर को राज्य में आंशिक बादल रहेंगे, जबकि 28 अक्टूबर को कुछेक इलाकों में और 29-30 अक्टूबर को अधिकांश क्षेत्रों मंब बारिश होने की संभावना है। 29 और 30 अक्टूबर को कई जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवा और बिजली गिरने की भी संभावना है।

 

मौसम वैज्ञानिक ने यह भी बताया कि छठ पर्व के दौरान इस सिस्टम के कारण उदयाचलगामी सूर्य के अर्घ्य के समय आंशिक बादल रहने की संभावना है। इससे भक्तों को सुबह का अर्घ्य देने में थोड़ी परेशानी हो सकती है और कुछ इलाकों में समय में देरी होने के आसार हैं।

 

सिस्टम की स्थिति और गति

IMD के अनुसार 25 अक्टूबर सुबह 08:30 बजे सिस्टम अक्षांश 10.8° उत्तर और देशांतर 88.8° पूर्व पर स्थित था। यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 440 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, विशाखापत्तनम से 970 किमी दक्षिण-पूर्व, चेन्नई से 970 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से 990 किमी दक्षिण-पूर्व में था। सिस्टम ने पिछले तीन घंटों में 07 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ना जारी रखा।

 

सतीश चंद्र मंडल ने आगे बताया कि यह सिस्टम 26 अक्टूबर तक गहरे दबाव में बदल जाएगा और 27 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर और उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह तक भीषण चक्रवाती तूफान बन जाएगा।

 

तटवर्ती राज्यों में संभावित प्रभाव

28 अक्टूबर की शाम या रात के दौरान यह तूफान मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। समुद्र तट से टकराने के समय इस तूफान की अधिकतम गति 90-100 किमी प्रति घंटा से लेकर 110 किमी प्रति घंटा तक रहने की संभावना है।मौसम विभाग ने आम जनता और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से झारखंड के कई जिलों में बाढ़, बिजली गिरने और तेज हवाओं से सावधान रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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