Election Breaking: जन सुराज ने जारी की 66 प्रत्याशियों की दूसरी सूची, किसे कहां से बनाया गया प्रत्याशी, देखें पूरी लिस्ट 

Election Breaking: Jan Suraj releases new list of 65 candidates, who has been made candidate from where, see the complete list

Bihar election breaking:  प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली राजनीतिक पहलकदमी जन सुराज ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एक और 66 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। यह सूची पार्टी की चुनावी रणनीति, सामाजिक समावेशिता और विस्तार की गतिविधियों का नया संकेत मानी जा रही है।

यहां देखें पूरी लिस्ट 👇 👇 👇

सूची का सन्दर्भ और विस्तार

इससे पहले, जन सुराज ने 9 अक्टूबर को अपनी पहली सूची में 51 उम्मीदवार घोषित किए थे।

उस सूची में उच्च स्तरीय नामों जैसे गणितज्ञ के. सी. सिन्हा, पूर्व IPS अधिकारी आर. के. मिश्रा, भोजपुरी अभिनेता एवं अन्य समाज से जुड़े पात्र शामिल थे ।

 

नये 66 नामों के साथ, जन सुराज ने अपनी दायरे को और मज़बूत करने की कोशिश की है। यह सूची उन विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों की चयन का संकेत हो सकती है जहाँ पार्टी ने अभी तक दांव नहीं लगाया है।

 

सामाजिक एवं जातीय प्रतिनिधित्व

जन सुराज ने अपनी पहली सूची में जातीय और सामाजिक संतुलन पर जोर दिया था — इसमें 17 उम्मीदवार EBC (अति पिछड़ा वर्ग), 11 OBC, 9 सामान्य वर्ग और 7 मुस्लिम समुदाय से थे।

 

नयी 66 उम्मीदवारों की सूची में भी संभावना है कि इस तरह का संतुलन कायम रखा जाए — हालांकि पार्टी ने अभी तक पूरी जातीय-समाजिक विभाजन की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि इस सूची से यह स्पष्ट होगा कि जन सुराज को किन इलाकों में विशेष समर्थन मिलने की संभावना है।

 

रणनीतिक मायने और चुनौतियाँ

ब्रांड विस्तार: 66 और नाम जोड़ने से जन सुराज की संगठनात्मक पहुंच और क्षेत्रीय सक्रियता को बढ़ावा मिलेगा।

 

प्रतिस्पर्धा: पार्टी अब सीधे मुख्य दावेदारों — NDA और महागठबंधन — से टक्कर लेने की स्थिति में दिख रही है।

प्रशांत किशोर की भूमिका: पहली सूची में किशोर का नाम शामिल नहीं था, जिससे अटकलें थीं कि क्या वे स्वयं चुनावी मैदान में उतरेंगे।

अब नई सूची में भी यदि उनका नाम शामिल हुआ है, तो यह पार्टी की रणनीति में बड़ा बदलाव होगा।

 

लोकप्रिय और नए चेहरे: पहली सूची में सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, डॉक्टर और ट्रांसजेंडर उम्मीदवार शामिल किए गए थे, जिससे पार्टी ने “नया चेहरा” वाला प्रतिमान पेश किया।

नयी सूची में भी पार्टी ऐसी ही कोशिश जारी रख सकती है।

 

संकेत और उम्मीदें

यह कदम जन सुराज की चुनावी महत्वाकांक्षा और विस्तार की दिशा को दर्शाता है। पार्टी अब यह संकेत देना चाहती है कि वह सिर्फ एक बौद्धिक या प्रचार मोर्चा नहीं, बल्कि राज्यव्यापी राजनीति में ठोस खिलाड़ी बनना चाहती है।

 

नयी सूची के आने के बाद, राजनीतिक पर्यवेक्षक एवं मतदाता यह देखेंगे कि ये उम्मीदवार किन-किन क्षेत्रों से हैं, उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि क्या है, और पार्टी ने किन लोकल समीकरणों को ध्यान में रखा है।

 

चुनावी मैदान अभी खुला है — यह देखना बाकी है कि जन सुराज अपनी इस नई सूची के दम पर कितना असर डाल पाती है।

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