नक्सल ब्रेकिंग: 103 नक्सलियों ने एक साथ किया सरेंडर, 1 करोड़ से ज्यादा का था नक्सलियों पर ईनाम, तीन माओवादी भी हुए ढेर

Naxal Breaking: 103 Naxalites surrendered together, a bounty of over Rs 1 crore was carried on them, three Maoists were also killed.

Naxal News : नक्सल विरोधी अभियान में जवानों को बड़ी सफलता मिली है। एक साथ 103 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। वहीं मुठभेड़ में 14 लाख रुपये के तीन इनामी नक्सली भी ढेर हो गये। नक्सल आपरेशंस में ये पूरी कामयाबी छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मिली है।

 

बीजापुर जिले में कुल 103 नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। इनमें से 49 नक्सली इनामी हैं, जिन पर कुल 1.06 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास कार्यक्रम और सुरक्षा प्रदान की जाएगी, ताकि वे सामाजिक और कानूनी ढांचे में वापस आ सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि इलाके में सुरक्षा और शांति बनाए रखने में मदद करेगा।

 

कांकेर में मुठभेड़ और तीन इनामी नक्सली ढेर

बीजापुर में आत्मसमर्पण की खबर के कुछ ही समय बाद, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ कांकेर और गरियाबंद जिलों की सीमा पर छिंदखड़क गांव के पास स्थित पर्वतीय वनक्षेत्र में हुई।कांकेर पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि यह संयुक्त अभियान राज्य पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों द्वारा संचालित किया गया। मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए, जिनमें एक महिला नक्सली भी शामिल थी।सुरक्षा बलों ने मौके से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), एक .303 राइफल, 12 बोर की एक बंदूक और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की।

 

मारे गए नक्सलियों की पहचान

मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान इस प्रकार की गई है:

1. सरवन मड़कम उर्फ विश्वनाथ – माओवादियों की सीतानदी/रावस एरिया कमेटी का सचिव। इनाम: 8 लाख रुपये।

2. राजेश उर्फ राकेश हेमला – नगरी एरिया कमेटी का सदस्य। इनाम: 5 लाख रुपये।

3. बसंती कुंकजाम उर्फ हिड़मे – मैनपुर-नुआपाड़ा सुरक्षा टीम की सदस्य। इनाम: 1 लाख रुपये।

इन तीनों पर कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

 

नक्सल विरोधी अभियान की अहमियत

छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पण और मुठभेड़ जैसी घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा बलों की सक्रियता और रणनीति प्रभावी साबित हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

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