झारखंड में बड़ी कार्रवाई, सात राजनीतिक दलों की मान्यता कर दी रद्द, राजनीतिक सरगर्मियां हुई तेज, जानिये क्या है वजह
Election Commission takes major action in Jharkhand, derecognizes seven political parties, sparks political activity; find out why.

Jharkhand News : झारखंड में राजनीति से जुड़ी एक बड़ी अहम खबर है। चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात राजनतिक दलों की मान्यता रद्द कर दी है। जिन सात दलों को सूची से बाहर किया गया है, उनमें हजारीबाग का आपका हमारा पार्टी, गिरिडीह का बहुजन समाज मोर्चा, रांची के झारखंड जनाधिकार पार्टी, झारखंड विकास दल, जन साधारण पार्टी, हम किसान पार्टी तथा जमशेदपुर का झारखंड दिशोम पार्टी शामिल हैं।
दरअसल इन सभी दलों ने पिछले छह वर्षों से न तो लोकसभा और न ही विधानसभा चुनाव लड़ा था, यहां तक कि किसी उपचुनाव में भी हिस्सा नहीं लिया था।भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी मानदंड पूरे न करने पर झारखंड के सात राजनीतिक दलों को पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया है। इन दलों ने पिछले छह वर्षों से कोई चुनाव नहीं लड़ा था।
दरअसल निर्वाचन आयोग ने देशभर में पंजीकृत राजनीतिक दलों की सक्रियता की समीक्षा करते हुए यह निर्णय लिया है। यह कदम चुनाव सुधार और राजनीतिक दलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस कार्रवाई के तहत आयोग ने दूसरे चरण में देशभर के कुल 474 राजनीतिक दलों को सूची से बाहर किया है, जिनमें सात दल झारखंड के हैं।
पहले चरण में 9 अगस्त 2025 को आयोग ने 334 राजनीतिक दलों को पंजीकृत दलों की सूची से हटाया था, जिनमें पांच दल झारखंड के थे। इस तरह अब तक केवल झारखंड से कुल 12 राजनीतिक दल सूची से हटाए जा चुके हैं।
आयोग ने सात अन्य राजनीतिक दलों की भी पहचान की है, जिन्होंने पिछले छह वर्षों से कोई चुनाव नहीं लड़ा है। इन्हें नोटिस जारी कर पक्ष लेने का अवसर दिया जाएगा और यदि ये अपना पक्ष सही तरीके से नहीं रख पाते हैं, तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग ने उन 359 राजनीतिक दलों की पहचान की है जिन्होंने पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24) में अपने वार्षिक ऑडिटेड खाते समय पर जमा नहीं किए हैं। इनमें सात दल झारखंड के भी शामिल हैं।
आयोग ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) को निर्देश दिए हैं कि इन दलों को नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आयोग इन दलों के खिलाफ अंतिम निर्णय लेगा।









