झारखंड : ऑटो चालकों की मनमानी से बढ़ा खतरा…यात्री परेशान…स्टेशन पर हालात सबसे गंभीर
Jharkhand: Danger increases due to arbitrary behaviour of auto drivers...passengers are troubled...situation is most serious at the station

जमशेदपुर शहर इन दिनों ऑटो चालकों की मनमानी और यातायात नियमों की अनदेखी से जूझ रहा है। खासकर टाटानगर रेलवे स्टेशन के बाहर की स्थिति बेहद चिंताजनक बन चुकी है। जमशेदपुर में ऑटो चालकों की मनमानी न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बन रही है, बल्कि सड़क हादसों के खतरे को भी बढ़ा रही है।
नियमों के अनुसार, ऑटो केवल निर्धारित स्टैंड पर खड़े होकर यात्रियों को सेवा दें। लेकिन हकीकत यह है कि शहर की व्यस्त सड़कों पर बीच रास्ते ऑटो रोककर सवारी बिठाना आम बात हो गई है। इससे यातायात अव्यवस्थित होता है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी ऑटो चालकों को ड्यूटी के दौरान हरे-पीले रंग की वर्दी पहननी चाहिए, ताकि उनकी पहचान आसान हो सके और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लेकिन जमशेदपुर में अधिकांश चालक इस नियम को नजरअंदाज कर रहे हैं।
यातायात पुलिस और आरपीएफ समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाते हैं और नियम तोड़ने वालों पर चालान भी करते हैं। हालांकि, यह कार्रवाई लंबे समय तक असर नहीं दिखा पाती और कुछ ही दिनों में हालात पहले जैसे हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती केवल कागजों तक ही सीमित रह जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टाटानगर स्टेशन के बाहर आरपीएफ और यातायात पुलिस की संयुक्त रणनीति जरूरी है। यदि इस समस्या को समय रहते हल नहीं किया गया, तो जमशेदपुर में ऑटो चालकों की मनमानी एक बड़े सार्वजनिक संकट का रूप ले सकती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना अब प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।









