झारखंड: प्रखंड कार्यालय में आधी रात रहस्यमयी रौशनी से लोग डरे, कोई बता रहा अदृश्य शक्ति, कोई देवीय घटना तो कह रहा …. CCTV में कैद हुई..

Jharkhand: People were scared by the mysterious light in the block office at midnight, some were saying it was an invisible power, some were saying it was a divine event... captured on CCTV...

रांची। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड कार्यालय में अफसर से लेकर कर्मचारी तक सकते में है। दावा है कि प्रखंड कार्यालय परिसर में कोई अदृश्य शक्ति का साया है। दावे की पुष्टि सीसीटीवी कैमरे ने रात के अंधेरे में रहस्यमयी तेज रोशनी है। यह रोशनी कभी परिसर में घूमती नजर आई तो कभी अचानक गायब हो गई।

 

सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके में दहशत और अटकलों का दौर जारी है। कोई इसे प्राकृतिक घटना मान रहा है तो कोई अलौकिक शक्ति की मौजूदगी का संकेत बता रहा है।बीते शनिवार की रात राजनगर प्रखंड कार्यालय परिसर में एक अनोखी घटना घटी। सीसीटीवी कैमरे में एक तेज और चमकदार रोशनी कैद हुई, जो अचानक प्रकट होती और फिर गायब हो जाती।

 

जानकारी के मुताबिक यह सिलसिला रात करीब 9:30 बजे से शुरू हुआ और देर रात लगभग 12:57 बजे तक कई बार दोहराया गया।इस घटना की जानकारी तब सामने आई जब प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मलय कुमार ने सीसीटीवी फुटेज देखा। उन्होंने पाया कि अंधेरे में चमकती यह रोशनी कई बार परिसर के अलग-अलग हिस्सों में घूमती रही।

 

फुटेज ने बढ़ाई लोगों की धड़कनें

फुटेज में दिखी रहस्यमयी रोशनी देखकर कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। जिसने भी वीडियो देखा, उसके मन में डर और उत्सुकता दोनों पैदा हो गए। लोग हैरान हैं कि आखिर यह रोशनी कहां से आई और क्यों बार-बार परिसर में दिखाई दे रही थी।

 

अफवाहों और चर्चाओं का बाजार गर्म

घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे प्राकृतिक घटना मान रहे हैं, जैसे किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की रोशनी या कैमरे की तकनीकी गड़बड़ी। वहीं, कई लोग इसे अलौकिक शक्ति का संकेत बता रहे हैं। कुछ ग्रामीण इसे “देवप्रकाश” तो कुछ “भूतिया असर” तक कह रहे हैं।

 

कर्मचारियों में भय का माहौल

प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों में भी डर का माहौल है। कई कर्मचारियों ने आशंका जताई कि यदि यह घटना दोबारा होती है, तो वे देर रात कार्यालय में काम करने से बचेंगे। वहीं, कुछ लोग इसे महज संयोग मानकर नज़रअंदाज़ करने की सलाह दे रहे हैं।

 

वैज्ञानिक नजरिए से जांच की मांग

कुछ बुद्धिजीवी और शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़कर देखने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संभव है यह घटना कैमरे के सेंसर पर पड़ने वाले किसी कीड़े, धूलकण या रोशनी की परावर्तन की वजह से हुई हो।

 

अभी भी बरकरार है रहस्य

फिलहाल, इस रहस्यमयी रोशनी का रहस्य कायम है। प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। लेकिन लोगों की उत्सुकता और चर्चाएं लगातार बढ़ रही हैं। सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में क्या इस घटना का कोई वैज्ञानिक या तार्किक कारण सामने आएगा या यह राजनगर प्रखंड के लिए हमेशा एक अनसुलझा रहस्य बनकर रह जाएगा।

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