दिवंगत शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म का सातवां दिन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया विधिपूर्वक आयोजन
Seventh day of the traditional shraddha karma of late Shibu Soren, organised by Chief Minister Hemant Soren with due rituals

रांची। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म का आज सातवां दिन है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ दिवंगत आत्मा की शांति हेतु “सात कर्म” की रस्में विधि-विधानपूर्वक पूरी कीं।
हेमंत सोरेन न केवल एक बेटे के रूप में अपने कर्तव्य को निभा रहे हैं, बल्कि अपने पिता की यादों को संजोते हुए अपने पैतृक गांव नेमरा से ही राज्य के राजकाज की जिम्मेदारी भी तत्परता और प्रतिबद्धता से निभा रहे हैं।
4 अगस्त को हुआ था निधन
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त को हुआ था। उनका अंतिम संस्कार 5 अगस्त को नेमरा में संपन्न हुआ था, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुखाग्नि दी। इसके बाद से वे लगातार श्राद्धकर्म की सभी पारंपरिक रस्मों का पालन कर रहे हैं।
15-16 अगस्त को दशकर्म और संस्कार भोज
15 अगस्त को दिवंगत गुरुजी का दशकर्म होगा, जबकि 16 अगस्त को संस्कार भोज का आयोजन है। इस कार्यक्रम के लिए संथाली और हिंदी भाषा में कार्ड छपे हैं, जिनमें गुरुजी की तस्वीर भी अंकित है। ये कार्यक्रम नेमरा के गुरुजी के पैतृक आवास पर आयोजित होंगे, जहां सभी परंपराओं के अनुसार रस्में पूरी की जाएंगी।
नेमरा तक सड़क मार्ग का सौंदर्यीकरण
श्राद्ध कर्म से पहले गोला से नेमरा तक की सड़क का सौंदर्यीकरण और सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है ताकि आने वाली बड़ी हस्तियों को आवागमन में कोई कठिनाई न हो। कई बड़े नेता और गणमान्य व्यक्ति इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे।
शिबू सोरेन के परिवार ने हमेशा से अपने पैतृक गांव नेमरा में पारंपरिक कार्यक्रमों जैसे शादी और श्राद्ध कर्म विधिपूर्वक आयोजित करने की परंपरा निभाई है। इस बार भी इस परंपरा का निर्वहन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है।









