झारखंड- पारा शिक्षकों का विधानसभा घेराव: सहायक अध्यापकों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, आंदोलन की रणनीति तैयार, मंत्रियों को मांगपत्र, प्रदर्शन सहित ये है रणनीति

Jharkhand- Para teachers' assembly siege: Assistant teachers opened a front against the government, strategy of agitation ready, demand letter to ministers, demonstrations and this is the strategy

Para Teacher News : झारखंड में पारा शिक्षक एक बार फिर से आंदोलन की राह पर हैं। राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हे झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। राज्यस्तरीय बैठक में मोर्चा ने तय किया गया है कि आंदोलन की सूचना आज यानि 14 जुलाई को दी जायेगी। मांगों को लेकर मानसून सत्र के दौरान विधानसभा घेराव का भी ऐलान किया गया है।

 

मोरहाबादी मैदान में आयोजित बैठक में राज्य के सभी 24 जिलों के जिला अध्यक्ष, सचिव, प्रखंड कमेटी सदस्य और लगभग 500 सहायक अध्यापकों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 और 20 जुलाई को सभी जिला और प्रखंड कमेटी सदस्य सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों और मंत्रियों को मांग पत्र सौंपेंगे।

 

इसके बाद झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान रांची में जोरदार घेराव किया जाएगा। अगर सरकार सहायक अध्यापकों की मांगों पर वार्ता नहीं करती है या फिर ठोस आश्वासन नहीं मिलता है, तो 5 सितंबर को सभी सहायक अध्यापक मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

 

इसके बाद 15 नवंबर को मोरहाबादी मैदान में विशाल प्रदर्शन आयोजित कर सभी सरकारी कार्यक्रमों का विरोध और काला झंडा दिखाने का निर्णय लिया गया है। सरकार को इस आंदोलन की सूचना 14 जुलाई को लिखित रूप में दी जाएगी। बैठक में सबसे अधिक विरोध राज्य के उन लगभग 2000 सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्ति को लेकर दर्ज किया गया, जिन्हें प्रमाणपत्र जांच के नाम पर कार्यमुक्त कर दिया गया है।

 

मोर्चा के नेताओं का कहना है कि यह फैसला न केवल असंवेदनशील है, बल्कि हजारों शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। बैठक में शिक्षकों ने कहा कि अब तक समान कार्य के बदले समान वेतन, अनुकंपा पर नियुक्त शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष तक करने जैसी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

 

नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ जो समझौता हुआ था, उसकी 90 प्रतिशत शर्तें अब तक अधूरी हैं। इससे पूरे राज्य में सहायक अध्यापकों के बीच आक्रोश है। बैठक की अध्यक्षता वरीय सदस्य विनोद बिहारी महतो ने की, जबकि संचालन विनोद तिवारी और संजय दुबे ने संयुक्त रूप से किया।

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