735 अंक… और सपना टूट गया! लेकिन हार नहीं मानी — आखिरकार Arpit Gupta बने IAS, संघर्ष की कहानी कर देगी हैरान

बीमारी, पारिवारिक दुख और एक अंक से छूटी मंजिल… फिर भी नहीं टूटा हौसला, दूसरे प्रयास में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 54।
गोरखपुर: सपनों की राह कभी आसान नहीं होती। कई बार मंजिल बस एक कदम दूर रह जाती है और इंसान टूट जाता है। लेकिन Arpit Gupta ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो किस्मत भी रास्ता बदल देती है।
Gorakhpur, Uttar Pradesh के रहने वाले अर्पित गुप्ता ने महज 24 साल की उम्र में IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लिया। उनकी सफलता के पीछे संघर्ष, धैर्य और लगातार मेहनत की ऐसी कहानी छिपी है, जो हर युवा के लिए प्रेरणा बन सकती है।
एक अंक ने तोड़ दिया था सपना
Arpit Gupta ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Technology Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने Union Public Service Commission Civil Services Examination की तैयारी शुरू की और साल 2020 में पहली बार परीक्षा दी।
इस दौरान उन्हें तेज बुखार और चिकन पॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और परीक्षा में शामिल हुए। नतीजा आया तो उन्होंने 735 अंक हासिल किए, लेकिन जनरल कैटेगरी की कटऑफ 736 अंक थी। यानी सिर्फ एक अंक से उनका इंटरव्यू छूट गया।
दूसरे प्रयास में भी आई बड़ी परीक्षा
पहली असफलता के बाद भी अर्पित ने हार नहीं मानी और अगले प्रयास की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन इसी दौरान उनके जीवन में एक और दुखद घटना घटी — उनके चचेरे भाई का निधन हो गया।
यह समय उनके लिए बेहद मुश्किल था, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
मेहनत ने बदल दी किस्मत
लगातार मेहनत और मजबूत हौसले का आखिरकार परिणाम मिला। दूसरे प्रयास में अर्पित गुप्ता ने ऑल इंडिया रैंक 54 हासिल की और IAS बनने का सपना साकार कर लिया।
Arpit Gupta का मानना है कि असफलता को कभी किस्मत का दोष नहीं देना चाहिए। अगर कहीं कमी रह जाए तो उसे पहचानकर अपनी तैयारी को और बेहतर बनाना चाहिए।
आज उनकी कहानी हजारों युवाओं को यह संदेश दे रही है कि अगर लक्ष्य के प्रति जुनून और धैर्य हो, तो एक अंक से छूटी मंजिल भी एक दिन आपके कदमों में होती है।









