झारखंड में 7 Vs 25: किसका वादा ज्यादा दमदार, महिला, रसोई गैस और किसान से किये वादों में ये है समानता
7 Vs 25 in Jharkhand: Whose promise is stronger, this is the similarity in the promises made to women, LPG and farmers

Jharkhand Vidhansabha Election । चुनाव में घोषणा पत्र राजनीतिक दलों का ब्रह्मास्त्र होता है। जिसके वादों पर जनता को ज्यादा यकीन होता है, मतदाता का रुझान उन्ही की तरफ होता है।
भाजपा ने जहां दो चरणों में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है, तो वहीं आज इंडी गठबंधन ने भी संयुक्त रूप से घोषणा पत्र को जारी किया। कांग्रेस, जेएमएम, आरजेडी और माकपा ने मंगलवार को संयुक्त घोषणा पत्र जारी कर जनता से 7 प्रमुख वादे किये। आइये जानते हैं कि आखिर NDA और INDIA गठबंधन में किसका घोषणापत्र ज्यादा प्रभावी है।
इंडी गठबंधन Vs NDA का दावा
7 वादों में से इंडिया गठबंधन के तीन वादे ऐसे हैं, जिसमें भाजपा को पीछे छोड़ने की कोशिश है। भाजपा ने जहां 500 रुपये गैस सिलेंडर देने का वादा किया है, तो वहीं इंडिया गठबंधन ने 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की बात कही है।
उसी तरह से भाजपा ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीदी की बात कही है, तो इंडी गठबंधन ने ये राशि बढ़ाकर 3200 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर खरीदी की बात कही है। भाजपा ने गोगो दीदी योजना को 2100 रुपये प्रति माह करने का वादा किया है, तो इंडिया गठबंधन ने 2500 रुपये प्रतिमाह महिलाओं को देने की बात कही है।
इंडी गठबंधन का घोषणा पत्र
गारंटी खाद्य सुरक्षा की
• 450 रुपए में गैस सिलेंडर
• हर व्यक्ति को 7 किलो राशन
गारंटी 1932 आधारित खतियान की
• 1932 आधारित खतियान पर स्थानीयता नीति लाई जाएगी
• सरना धर्म कोड लागू होगा
गारंटी मैया सम्मान की
• महिलाओं को 2,500 रुपए की सम्मान राशि
गारंटी सामाजिक न्याय की
• ST को 28%, SC को 12% और OBC को 27% आरक्षण
गारंटी रोजगार और स्वास्थ्य सुरक्षा की
• 10 लाख नौकरी
• 15 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा
गारंटी शिक्षा की
• सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज बनेंगे
• जिला मुख्यालयों में इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी होगी
गारंटी किसान कल्याण की
• धान की MSP 3,200 रुपए की जाएगी
• अन्य कृषि उत्पादों की MSP में 50% तक बढ़ोतरी की जाएगी
भाजपा का घोषणा पत्र
• ‘गोगो दीदी योजना के माध्यम से हर महीने की 11 तारीख को झारखंड की सभी महिलाओं के बैंक खाते में 2,100 रुपये प्रदान करेंगे.
• झारखंड के सभी परिवारों को 500 रुपये में एलपीजी गैस सिलेंडर और साल में दो मुफ्त सिलेंडर प्रदान करेंगे.
• 5 वर्षों के भीतर झारखंड के युवाओं के लिए 5 लाख स्वरोजगार के अवसर सृजन करेंगे. इसके अलावा 2,87,500 सरकारी पदों पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से भर्ती सुनिश्चित करेंगे. इसके लिए पहली कैबिनेट बैठक में भर्ती की प्रक्रिया शुरु करेंगे और नवंबर 2025 तक 1.5 लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी करेंगे. सभी परीक्षाओं के लिए वार्षिक कैलेंडर भी जारी करेंगे.
• हर साल 1 लाख झारखंडी युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर प्रदान अवधि के लिए प्रति माह ₹2,000 ‘युवा साथी’ भत्ता प्रदान करेंगे.
• झामुमो सरकार में व्याप्त कुशासन को खत्म करेंगे और सभी के लिए आवास सुनिश्चित करेंगे. झारखंड के प्रत्येक नागरिक को घर बनाने के लिए निःशुल्क बालू उपलब्ध कराएंगे. 21 लाख घरों के लिए पीएम आवास योजना का पूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे, जिसमें प्रति घर 1 लाख की बढ़ी हुई वित्तीय सहायता भी शामिल होगी. 2027 तक जल जीवन मिशन के पूर्ण कार्यान्वयन के माध्यम से शेष 59 लाख घरों में नल जल कनेक्शन प्रदान करेंगे.
• झारखंड में सरकारी पदों पर नियुक्ति में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए जेपीएससी के मामलों में सीबीआई जांच शुरु करेंगे. पंजीकरण के लिए एक रुपये की स्टांप ड्यूटी को पुनः बहाल करेंगे. 30 दिनों के भीतर जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करेंगे.
• झारखंड में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए संथाल परगना सहित पूरे झारखंड में सख्त कानूनी प्रक्रिया लागू कर अवैध घुसपैठ पर पूर्ण विराम लगाएंगे. घुसपैठियों द्वारा कब्जाई आदिवासी जमीन को वापस लौटाने के लिए कानून बनाएंगे. आदिवासी महिलाओं से शादी करने वाले घुसपैठियों के बच्चों को आदिवासी दर्जा देने पर लगाएंगे रोक.
• महिला सशक्तिकरण के लिए 50 लाख रुपये तक मूल्य की अचल संपत्ति के पंजीकरण के लिए एक रुपये स्टांप ड्यूटी शुल्क योजना को फिर से लागू करेंगे.
• बीएड, नर्सिंग और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए सरकारी संस्थानों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान करेंगे, और निजी संस्थानों में ट्यूशन फीस के खर्च को वहन करेंगे.
• झारखंड में ‘विस्थापन से पहले पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक पुनर्वास आयोग का गठन करेंगे.
• आदिवासी सम्मान एवं अस्मिता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक आदिवासी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल के विकास के लिए और गांव स्तर पर लोक आयोजनों के लिए अनुदान सहायता देंगे. आदिवासी भाषाओं, इतिहास, कला और संस्कृति को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च कर ‘सिद्धो-कान्हो शोध केंद्र’ स्थापित करेंगे.भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हो और नीलाम्बर-पीताम्बर जैसे आदिवासी नायकों को सम्मानित करेंगे.
• ‘फूलो-झानो पढ़ो बिटिया योजना के तहत राज्य के गरीब और पिछडे वर्ग की प्रत्येक बालिका को तेजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान करेंगे.
• ‘मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक गर्भवती महिला को 6 पोषण किट और ₹21,000 की सहायता प्रदान करेंगे.
• झारखंड में 10 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज और राज्य के प्रत्येक जिले में एक नर्सिंग प्रशिक्षण कॉलेज स्थापित करेंगे. आयुष्मान भारत जीवन धारा योजना से सभी 70 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को 10 रुपये लाख तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेंगे, जिसमें आयुष्मान भारत के 5 लाख के अतिरिक्त राज्य द्वारा 5 लाख की सहायता दी जाएगी.
• झारखंड में सुशासन सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को लागू करेंगे एवं एक जांच आयोग का गठन करेंगे.
• झारखंड को 2027 तक मानव तस्करी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ शुरु करेंगे.
• ‘कृषक सुनीति’ शुरू करेंगे, जिसके तहत धान की खरीद की दर को ₹3,100 प्रति क्विंटल तक बढ़ाएंगे. छोटे और सीमांत किसानों एवं पशुपालकों की भूमि पर ₹5,000 प्रति एकड़ ₹25,000 तक प्रदान करने के लिए कृषि आशीर्वाद योजना को फिर से शुरू करेंगे.
• सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में एससी/एसटी आरक्षण यथावत रखते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27% आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं.
• झारखंड को परिवहन नेटवर्क के सहज एकीकरण के माध्यम से जोड़ेंगें. 25 हजार किलोमीटर मजबूत, सभी मौसमों के लिए अनुकूल सड़कें बनाएंगे.
• देश भर के सभी प्रमुख शहरों में ‘झारखंड जोहार भवन’ स्थापित करेंगे. ताकि राज्य के बाहर रहने वाले झारखंडियों को अन्य राज्यों में सुविधाएं मिले.
• वृद्ध, विधवा और दिव्यांगों के लिए मासिक पेंशन को ₹2,500 तक बढ़ाएंगे, जिससे उनकी वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
• ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में अरहर और मड़ुआ को शामिल करेंगे. हर आदिवासी ब्लॉक में प्रसंस्करण और भंडारण केंद्र स्थापित करेंगे, ताकि केंदू पत्ता, महुआ, और मशरूम जैसे वन उत्पादों को मूल्यवर्धन किया जा सके.
• आदिवासी समुदायों को सभी अधिकारों की गारंटी देंगे और उनकी अस्मिता की रक्षा करने के लिए समान नागरिक संहिता के दायरे से आदिवासी समुदायों को बाहर रखा जाएगा.
• झारखंड से पलायन समाप्त करने के लिए प्रदेश को कौशल विकास के हब के रूप में विकसित करेंगे.
• झारखंड को भारत के शीर्ष पांच पर्यटन अनुकूल राज्य बनाने के लिए प्रमुख देवी मंदिरों को जोड़ते हुए भगवती सर्किट स्थापित करेंगे. झारखंड को ईको टूरिज्म राजधानी बनाएंगे.









