48 दिन, जंगलों में पीछा और करोड़ों का सोना… ज्वेलरी शॉप चोरी का फिल्मी क्लाइमेक्स
डुप्लीकेट चाबी से 7.88 करोड़ के गहने साफ, राजस्थान के जंगलों में छिपे थे आरोपी… ड्रोन से घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा

मुंबई के बोरिवली पश्चिम स्थित आईसी कॉलोनी की मशहूर ज्वेलरी दुकान My Gold Point में हुई करोड़ों की चोरी का पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पर्दाफाश कर दिया है।
करीब 48 दिनों तक चली लगातार जांच और राजस्थान के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के बाद MHB Police Station ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लेकर चाइल्ड रिमांड होम भेजा गया है।
डुप्लीकेट चाबी से खेला ‘अंदरूनी गेम’
पुलिस के मुताबिक, 13-14 जनवरी 2026 की रात दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों ने ही डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर करीब 5 किलो सोने के आभूषण चोरी कर लिए।
चोरी गए गहनों की बाजार कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपये बताई गई। जांच में सामने आया कि दुकान बंद करने और चाबी संभालने की जिम्मेदारी दो कर्मचारियों के पास थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने शोकेस में रखे गहनों पर हाथ साफ किया और फरार हो गए।
चोरी के बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद कर दिए, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके।
राजस्थान के जंगलों में 48 दिन तक ‘हाई वोल्टेज’ पीछा
एफआईआर दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। सुराग मिला कि आरोपी राजस्थान के घने जंगलों में छिपे हैं।
इसके बाद मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस की मदद से 48 दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। रात के समय ड्रोन कैमरों की मदद से तलाशी ली गई। आखिरकार मुख्य आरोपी गणपतसिंह मोहन चदाना (26) और किशनसिंह उर्फ भैरू बगालाल रेबारी (21) समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
4.65 करोड़ की बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 3 से 3.1 किलो सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 4.50 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा 5 किलो चांदी के आभूषण (करीब 15 लाख रुपये) भी जब्त किए गए। कुल मिलाकर 4.65 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद हुई है।
हालांकि, एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसके पास करीब 4 किलो सोना होने की आशंका है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
पूरे ऑपरेशन की निगरानी जोन 11 के डीसीपी संदीप जाधव और सीनियर इंस्पेक्टर हरीश गवली कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और मामले की जांच अभी जारी है।
48 दिनों तक जंगलों में चला यह पीछा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था — लेकिन इस बार पर्दा नहीं, कानून का शिकंजा गिरा।









