झारखंड की बड़ी पहल: ‘आबुआ आवास योजना’ से रोशन हुए 1.64 लाख घर, जानें कैसे मिलता है इस योजना का लाभ?
Jharkhand's big initiative: 1.64 lakh houses illuminated by 'Abua Housing Scheme', know how to avail the benefits of this scheme?

झारखंड में गरीबों के लिए पक्का मकान बनाने के लिए 15 अगस्त 2023 को हेमंत सरकार की महात्वाकांक्षी आबुआ आवास योजना लॉन्च की गई थी. आज ग्रामीण कार्य, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के नेतृत्व में झारखंड के गरीब परिवारों के लिए युद्धस्तर पर आबुआ आवास योजना के तहत पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है.
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को सदन में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में राज्य सरकार ने प्रदेश के कुल 6 लाख 50 हजार परिवारों को आबुआ आवास योजना के तहत पक्का मकान देने का लक्ष्य तय किया था. इस अवधि में 6,33,094 आवास योजनाओं की स्वीकृति मिली थी. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने जानकारी दी है कि आबुआ आवास योजना के अंतर्गत अब तक, यानी दिसंबर 2025 तक 4,92,464 लाभुकों को पहली किस्त की राशि, 4,14,467 लाभुकों को द्वितीय किस्त की राशि और 2,46,358 लाभुकों को तृतीय किस्त की राशि निर्गत की गई. अब तक कुल 1,64,154 लाभुकों को पक्का मकान दिया जा चुका है.
इस वर्ष आबुआ आवास योजना मद में 3000 करोड़ रुपये
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने जानकारी दी है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबुआ आवास योजना के अंतर्गत 3 हजार करोड़ रुपये का उपबंध किया गया है. उपबंधित राशि में कोषागार से नियमित निकासी कर अब तक 1200 करोड़ रुपये आबुआ आवास योजना के क्रियान्वयन के लिए जिलों को उपलब्ध कराया गया है. नियम के मुताबिक लाभुकों के खाते में राशि भेजी जा रही है.
मंत्री ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक 1281 आवास योजना में पहली किस्त की राशि दी गई है. 1,80,919 आवास योजना को द्वितीय किस्त की राशि दी गई है. 1,27,390 आवास योजना में तृतीय किस्त की राशि निर्गत की गई है. 36,998 आवास योजना में चतुर्थ किस्त की राशि विमुक्त की गई है. अब तक 1,33,091 आवास योजना को पूरा किया गया है.
झारखंड में कितने प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हुआ
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सदन को बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 में केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कोई लक्ष्य झारखंड को नहीं दिया गया है. इसी वजह से गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए आबुआ आवास योजना की शुरुआत की गई थी. हालांकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार ने 4,19,000 आवास का लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना में दिया गया जिसके विरुद्ध अब तक 3,45,688 आवास स्वीकृत किया गया.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3,01,230 आवासों को पहली किस्त मिली है. 78,233 आवासों को द्वितीय किस्त की राशि दी गई है. 4,557 आवासों को तृतीय किस्त की राशि दर्ज की गई है. इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20,426 आवास पूरे हो चुके हैं.
बीजेपी विधायक ने आबुआ आवास योजना पर पूछा सवाल
गौरतलब है कि बीजेपी विधायक शत्रुघ्न महतो ने सवाल किया था कि क्या यह बात सही है कि राज्य में गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए आबुआ आवास योजना संचालित किया जा रहा है. क्या यह बात सही है कि राज्य सरकार द्वारा आबुआ आवास योजना के तहत हजारों की संख्या में आवास स्वीकृति प्रधान करते हुए प्रथम किस्त का भुगतान कर दिया गया है. क्या यह बात सही है कि लाभुक परिवारों ने अपने झुग्गी-झोपड़ी तोड़कर आबुआ आवास का निर्माण तो प्रारंभ तो किया लेकिन अगली किस्त का भुगतान नहीं होने से निर्माण अधूरा है. लाभुक परिवार सड़क पर रहने को मजबूर है.
यदि उपर्युक्त खंडों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार आबुआ आवास के लाभुकों को शेष राशि का भुगतान अविलंब करने का विचार रखती है. हां तो कब और नहीं तो क्यों.
आबुआ आवास योजना से गरीबों को मिलत है पक्का मकान
दीपिका पांडेय सिंह ने इस बात से साफ इनकार किया कि आबुआ आवास योजना के लाभुकों को किस्त की राशि मिलने में किसी भी प्रकार का विलंब हो रहा है. उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया है कि आबुआ आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने के लिए गरीबों ने अपनी झुग्गी-झोपड़ियां तोड़ दी और खुले में सड़क पर रहने को मजबूर हैं.


















